यूपी में कृषि क्रांति का नया अध्याय! बिचौलियों का खेल खत्म, CM योगी ने बाराबंकी से दिया किसानों को सीधा लाभ
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी जिले के दौलतपुर गांव में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। उन्होंने पद्मश्री और प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा के फार्म हाउस पर आयोजित किसान पाठशाला और प्रगतिशील किसान सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद किया और खेती की चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि इस 'किसान पाठशाला' के माध्यम से सरकार खेती की चुनौतियों को नज़दीक से समझ रही है। उनके भाषण का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि कैसे कम लागत और अधिक उत्पादन के फार्मूले से किसानों की खुशहाली सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसानों को समृद्ध बनाना है।

कृषि उत्पादन में यूपी का योगदान
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की कृषि शक्ति को रेखांकित करते हुए महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए:
- कृषि भूमि: उत्तर प्रदेश के पास देश की कुल कृषि योग्य भूमि का मात्र 11 प्रतिशत हिस्सा है।
- उत्पादन में हिस्सेदारी: इसके बावजूद, देश के कुल कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत है, जो प्रदेश के किसानों की दक्षता को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार प्रदेश के 28 जिलों में 4000 करोड़ रुपये की लागत से खेती में सुधार के लिए विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि डबल इंजन की भाजपा सरकार ने किसानों के लिए तमाम योजनाएं चलाई हैं और अब बिचौलिए खत्म हो चुके हैं; रकम सीधे किसान के खाते में पहुँचती है।












Click it and Unblock the Notifications