वाराणसी अस्पताल में सीएम योगी, कमियां छुपाने के लिए मीडिया पर बैन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनका कुशलक्षेम पूछे जाने के दौरान मौके पर मौजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनका कुशलक्षेम पूछे जाने के दौरान मौके पर मौजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि चिकित्सा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए।

सीएम ने मरीजों का हालचाल पूछा
अस्पताल में कुल 365 दवाओं के सापेक्ष सौ से अधिक मात्र दवाओं की उपलब्धता होने की जानकारी पर उन्होंने अन्य आवश्यक दवाओं का शीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ दवाओं की किसी भी स्तर पर कमी न होने देने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने अस्पताल के निशुल्क पैथोलॉजी सहित डिजिटल एक्सरे आदि की भी जानकारी ली। उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने के दौरान चिकित्सकों को नियमित रूप से मरीजों की देखभाल करने का निर्देश दिया। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों एवं सर्जनों के उपलब्धता की भी जानकारी की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रतिदिन 10 से ग्यारह सर्जरी किए जाते हैं इस पर मुख्यमंत्री ने संतोष जताया।

बच्चों से पूछा कि आप स्कूल जाते हैं या नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान हुकुलगंज निवासी निवासी तीमारदार के साथ 8 वर्षीय प्रिया एवं 6 वर्षीय शिवा को देख उनके कदम रुक गए और उन्होंने बच्चों से पूछा कि क्या आप लोग स्कूल जाते हो? तभी मौके पर मौजूद उसके पिता ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए बताया कि बच्चे नहीं पढ़ते हैं। फिर क्या था, मुख्यमंत्री ने बच्चों का सर सहलाते हुए स्कूल जाने की बात कही और कहा कि जो बच्चे पढ़ेंगे, वही बड़े आदमी होंगे। उन्होंने मौके पर मौजूद जिलाधिकारी को बच्चों का दाखिला कराए जाने का निर्देश दिया। विधायक उत्तरी रविंद्र जायसवाल को बच्चों को निशुल्क ड्रेस, जूता और पठन पाठन की सामग्री उपलब्ध कराए जाने का भी निर्देश दिया।

oneindia ने दिखाए थे इस हॉस्पिटल के नजारे
दरसअल हम आप को बता दें कि oneindia ने ये खबर दिखाई थी कि 125 बेड के इस अस्पलात में मरीजों के परिजनों के लिए बनाये गए रैन बसेरा के सभी पंखे गायब मिले तो वहीं शवों को रखने वाले मॉर्चरी के दरवाजो से खून बाहर तक बहता नजर आया। इससे ये जाहिर होता हैं कि शवों को रखने वाला फ्रीजर बंद है। मरीजों को बीमारी में राहत देने के लिए वैसे तो 25 एयर कंडीशन लगे हुए हैं पर सभी मशीनें खराब हो चुकी हैं। यही नहीं अस्पताल के परिसर में लगाए RO में मरीज नहीं बल्कि सांड पानी पीता मिला तो एक्सरे मशीन तक खराब पड़ी हुई थी। आज इसी कमियों को छुपाने के लिए मीडिया को अस्पताल में जाने से रोका गया था।












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