Mayawati Meerut Rally Live: मायावती ने कहा सहारनपुर की आड़ में मेरी हत्या की योजना रची थी भाजपा ने
राज्यसभा से मायावती के इस्तीफे को पार्टी भाजपा के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई के तौर पर लोगों के बीच दिखाने की कोशिश करने जा रही है। इसी कड़ी में मायावती आज केंद्र और यूपी सरकार पर हमलावर रहेंगी।
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मेरठ। बसपा सुप्रीमो मायावती आज यूपी के मेरठ में एक विशाल रैली कर रही हैं। बसपा ने इस रैली को 'मंडल स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन' नाम दिया है। बसपा पदाधिकारियों के मुताबिक इस रैली को लेकर पिछले कई दिनों से जोर-शोर से तैयारियां चल रही थीं। बसपा ने रैली में भारी भीड़ जुटने का दावा किया है। बसपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि रैली के लिए हर विधानसभा से 5000 लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है।

पढे़ं लाइव अपडेट्स:
- मायावती ने कहा- BSP के नेता हालात देखकर अपनी बात रखते हैं।
- मायावती ने कहा- दुखी, पीड़ित कमजोर वर्गों के लिए लड़ रही BSP।
- मायावती ने कहा- बाबा साहब ने कमजोर वर्गों के लिए संघर्ष किया
- मायावती ने कहा- बाबा साहब ने भी कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था
- मायावती ने कहा- महिलाओं के हक के लिए बाबा साहब ने हिन्दू कोड बिल तैयार किया।
- मायावती ने कहा- बाबा साहब महिलाओं को बराबरी का हक दिलाना चाहते थे।
- मायावती ने कहा- बाद में हिन्दू कोड बिल टुकड़ों-टुकड़ों में पास हुआ।
- मायावती ने कहा- बाबा साहब अंबेडकर की देन है हिन्दू कोड बिल
- मायावती ने कहा- दलितों, आदिवासियों के आरक्षण को ठीक ढ़ंग से लागू नहीं किया गया।
- मायावती ने कहा-जिस पर बाबा साहेब अंबेडकर बहुत दुखी थे।
- मायावती ने कहा- पदोन्नति में आरक्षण का मामला अभी तक लटका हुआ है।
- मायावती ने कहा- प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण देने का मामला भी लंबित है।
- मायावती ने कहा-BJP से शुरू से ही आरक्षण विरोधी मानसिकता की रही है।
- मायावती ने कहा- बाबा साहब का तीसरा मुद्दा पिछड़े वर्ग के लिए था।
- मायावती ने कहा- OBC वर्ग के लिए भी बाबा साहब अंबेडकर ने काम किया।
- मायावती ने कहा- धारा 340 के तहत ओबीसी वर्ग के लिए काम किया।
- मायावती ने कहा- अतिपिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण चाहते थे बाबा साहब।
- मायावती ने कहा- पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिलाने के लिए BSP ने दबाव बनाया।
- मायावती ने कहा- काका कालेकर की रिपोर्ट रद्दी में डाल दी गई।
- मायावती ने कहा- मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करना के लिए हमने धरना दिया।
- मायावती ने कहा- हमने वीपी सिंह से कुछ शर्ते मानने के लिए कहा।
- मायावती ने कहा- बाबा साहब को भारत रत्न देने की मांग की।
- मायावती ने कहा- दूसरी शर्त मंडल कमीशन की रिपोर्ट को लागू करने के लिए कहा।
- मायावती ने कहा- तीसरी शर्त थी एलके आडवाणी को यूपी में घुसने नहीं दिया
- मायावती ने कहा- जिस पर BJP ने अपना समर्थन लेकर जनता दल की सरकार गिराई।
- मायावती ने कहा- OBC वर्ग के लोगों को आरक्षण का सही लाभ नहीं मिला।
- मायावती ने कहा- आबादी के हिसाब से OBC कोटे में आरक्षण नहीं दिया गया।
- मायावती ने कहा- बाबा साहब से प्रेरणा लेकर ही मैंने राज्यसभा से इस्तीपा दिया।
- मायावती ने कहा- दलितों, पिछड़ों अन्य जरूरतमंद लोगों की लड़ाई लड़ रही हूं।
- मायावती ने कहा- सर्व समाज के लोगों का BSP ने ध्यान रखा है।
- मायावती ने कहा- सही ढ़ंग से आरक्षण लागू ने करने पर बाबा साहब ने आपत्ति जताई थी।
- मायावती ने कहा- भाजपा ने षड़यंत्र के तहत BSP को नुकसान पहुंचाया।
- मायावती ने कहा- विरोध ने हमारी पार्टी ने दश भर में प्रदर्शन किया।
- मायावती ने कहा- EVM में गड़बड़ी से BSP को नुकसान पहुंचा।
- मायावती ने कहा- मामले को लेकर BSP को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा।
- मायावती ने कहा- BJP ने षड़यंत्र के तहत सहारनपुर में दंगा कराया गया।
- मायावती ने कहा- तरह -तरह के हथकंडे अपना रही है भाजपा।
- मायावती ने कहा- सहारनपुर कांड पर सदन में बोलने नहीं दिया गया।
- मायावती ने कहा- इसलिए मैंने राज्य सभा से इस्तीफा दे दिया।
- मायावती ने कहा- BJP ने सहारनपुर हिंसा की आड़ में मेरी हत्या की योजना बनाई थी
आपको बता दें कि मायावती ने बीती 18 जुलाई को राज्यसभा की सदस्यता से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था, कि उनको सदन में दलितों पर हो रही हिंसा के मुद्दे पर बोलने नहीं दिया जा रहा। इस्तीफा देने के बाद मायावती ने ऐलान किया था कि वह हर महीने की 18 तारीख को मंडलवार रैलियां करेंगी। इन सबके बीच बसपा ने उन तमाम उम्मीदवारों से भी संपर्क साधा है, जिन्होंने बसपा के टिकट पर 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा है। जिस तरह से यूपी के विधानसभा चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है, उसके बाद मायावती चाहती हैं कि पार्टी के नेताओं के भीतर एक बार फिर से आत्मविश्वास को जगाया जा सके, इसी के चलते वह कई रैलियां आयोजित करने की योजना बना रही हैं।
रैली के बहाने 2019 की तैयारी
बसपा 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले जमीन पर अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती है। ऐसे में अगर बसपा अपनी रणनीति को लागू करने में सफल होती है तो मुमकिन है कि बसपा भाजपा विरोधी दलों के साथ गठबंधन करना है या नहीं इस पर फैसला ले सके। मायावती ने पहले ही इस बात को साफ कर दिया है कि वह किसी भी दल के साथ गठबंधन तभी करेंगी जब वह सीटों के बंटवारे की तस्वीर को साफ तरह से समझ लेंगी।












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