बीजेपी नेता ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया, कहा- मंत्रियों की भी नहीं सुनती यूपी की नौकरशाही
लखनऊ, 13 अगस्त: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य एवं पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने एक बार फिर अपनी ही सरकार की कड़े शब्दों में आलोचना की है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि राज्य सरकार को नौकरशाह चला रहे हैं तथा जन प्रतिनिधियों से लेकर पार्टी नेताओं को नौकरशाही तवज्जो नहीं देती। इससे पहले सिंह ने आठ अगस्त को तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा था कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा नीत केन्द्र सरकार इन कानूनों को वापस ले सकती है।

भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य व पूर्व विधायक सिंह ने आरोप लगाया कि योगी सरकार को नौकरशाह चला रहे हैं, सरकार में नौकरशाही मंत्रियों तक को तवज्जो नहीं देती। उन्होंने कहा कि पहले मंत्रियों से मुलाकात करने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को आना पड़ता था, अब स्थिति यह है कि मंत्रियों की अधिकारियों से मुलाकात तक नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि से लेकर पार्टी नेताओं की स्थिति अत्यंत बदतर हो गई है और इनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
किसानों के आंदोलन का किया समर्थन
पूर्व विधायक सिंह ने कहा कि किसानों की मांगे सही हैं। विधानसभा चुनाव और किसानों में रोष को देखते हुए केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार इन कानूनों को वापस ले सकती है।'' उन्होंने कहा था कि कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शनों के चलते भाजपा के नेता पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांवों में नहीं जा पा रहे हैं और आने वाले समय में किसान भाजपा के जन प्रतिनिधियों का घेराव भी कर सकते हैं।
पेगासस मामले की जांच कराए सरकार
उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष चाहता है कि जासूसी कांड की जांच हो तो सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए. यह सरकार की जिम्मेदारी है कि संसद का सत्र सुचारू रूप से चले। सिंह ने कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा की गई तैयारियों पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि सरकार ने दूसरी लहर से सबक नहीं लिया और मामलों से आगे निपटने के लिए कोई प्रभावी प्रबंध नहीं किए हैं।












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