फूलपुर लोकसभा के लिए केशव मौर्य के बेटे का नाम तेज, शहर में पोस्टर और सोशल मीडिया पर बधाई
आमतौर पर योगेश ना तो राजनीतिक समारोहों में नजर आते हैं, ना मंच पर नजर आते हैं और ना ही उनकी कभी कोई तस्वीर पिता के साथ सुर्खियों में रही है। ये पहला ऐसा मौका है जब योगेश ना सिर्फ चर्चा में हैं बल्कि इलाहाबाद में बाकायदा उनकी होर्डिंग केशव मौर्य के साथ लगाई गई है।
इलाहाबाद। देश को पहला प्रधानमंत्री देने वाली फूलपुर लोकसभा एक बार फिर चर्चा में है। वजह है फूलपुर लोकसभा का उपचुनाव, बीजेपी ने पहली बार इस सीट पर जीत हासिल की थी। केशव मौर्य कमल खिलाकर लोकसभा पहुंचे थे लेकिन यूपी का उप मुख्यमंत्री बनने के बाद केशव मौर्या ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है और अब यहां उपचुनाव होना है। सियासी दल अपनी गुणा गणित में जुटे हुए है लेकिन इसी बीच एक बड़ी खबर निकलकर आई है। भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर केशव मौर्य के बेटे का नाम सामने आया है। ये नाम अहम इसलिए है क्योंकि केशव मौर्य के इलाहाबाद दौरे पर जगह-जगह केशव मौर्य के बेटे योगेश मौर्य की तस्वीरें लगी हैं और फिर सोशल मीडिया पर बाकायदा योगेश को भाजपा प्रत्याशी घोषित होने की खबरें भी प्रचारित की जा रही हैं। आमतौर पर योगेश ना तो राजनीतिक समारोहों में नजर आते हैं, ना मंच पर नजर आते हैं और ना ही उनकी कभी कोई तस्वीर पिता के साथ सुर्खियों में रही है। ये पहला ऐसा मौका है जब योगेश ना सिर्फ चर्चा में हैं बल्कि इलाहाबाद में बाकायदा उनकी होर्डिंग केशव मौर्य के साथ लगाई गई है। होर्डिंग में योगेश का परिचय युवा नेता, पदाधिकारी या कार्यकर्ता की बजाए केशव के बेटे के तौर पर कराया गया है। पोस्टर बैनर के साथ सोशल मीडिया पर छाए केशव मौर्य के बेटे क्या बीजेपी के उम्मीदवार होंगे? ये अभी तो कंफर्म नहीं लेकिन सियासी गलियारे में योगेश ने जोरदार दस्तक दी है।

केशव मौर्य की साख होगी दांव पर!
अभी तक बीजेपी के लिए ये समस्या थी की उसके पास कोई केशव जैसा चेहरा नहीं था, जो वोट खींच सके लेकिन केशव के बेटे योगेश बीजेपी की ये समस्या हल करेंगे ऐसी उम्मीद जताई जाने लगी है। हालांकि योगेश को ना कोई राजनीतिक अनुभव है और ना ही राजनीतिक दबाव झेलने का तजुर्बा। लेकिन राजनीति उनके खून में है और बड़े नाम के सहारे वो बीजेपी के बड़े प्रत्यासी साबित हो सकते हैं क्योंकि योगेश तो सिर्फ एक चेहरा होंगे। असली चुनाव तो एक बार फिर से केशव मौर्य ही लड़ेंगे।

ये चुनाव इस दशा में बहुत ही दिलचस्प होगी क्योंकि केशव अब ना साधारण विधायक रहे और ना ही सांसद बल्कि वो अब सूबे के उपमुख्यमंत्री हैं। दरअसल इन चर्चाओं को बल देने वाला भाषण अभी केशव मौर्य ने दिया भी था। जब वो अपने फूलपुर लोकसभा इलाके में खुद को बतौर सांसद ही बता रहे थे। हालांकि तब इसके मायने अलग लग रहे थे लेकिन अब घड़ी कुछ और भी इशारा कर रही है। अब ये तो किसी से नहीं छिपा की केशव का कद अब पार्टी में कितना मायने रखता है। विधानसभा चुनाव में सूबे के मुखिया भूमिका में उन्होंने टिकट बंटवारे का जो समीकरण बैठाया उसके मुरीद खुद अमित शाह भी हो गए थे। ऐसे में अगर केशव खुद योगेश का नाम आगे करते हैं तो फूलपुर लोकसभा के लिए बीजेपी उम्मीदवार तय माना जा रहा है। हालांकि जब तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती। इस तरह के नाम और समीकरणों का दौर आने वाले समय में तेज होता जाएगा।












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