Bareilly News: ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, पुलिस ने फुटेज से 92 चेहरों की पहचान की, जांच में आई तेजी
Bareilly News: बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद हुए बवाल की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद करीब 92 संदिग्धों की पहचान कर ली है। इनकी तलाश के लिए कई टीमों ने दबिश शुरू कर दी है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि जिन इलाकों से सबसे अधिक भीड़ निकली, वहां उपद्रवियों की संख्या सबसे ज्यादा थी। खासकर खलील तिराहा, बिहारीपुर और चौपुला पुल क्षेत्र वीडियो में सबसे संवेदनशील बिंदु के रूप में उभरकर आए हैं।

इस बीच बुधवार को पुलिस ने बवाल से जुड़ा एक ड्रोन वीडियो भी सार्वजनिक किया। वीडियो में हजारों लोगों की भीड़ पुलिस और आम लोगों से उलझती दिख रही है। फुटेज में साफ है कि स्थिति अचानक बेकाबू हो गई थी।
उपद्रवियों की पहचान के बाद दबिश जारी
एसएसपी अनुराग आर्य ने जानकारी दी कि फुटेज की बारीकी से जांच करने पर 92 चेहरों को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया गया है। इनमें से कई लोगों के हाथों में पत्थर और डंडे भी नजर आ रहे हैं। पुलिस अब इनके ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस का कहना है कि सबसे ज्यादा उपद्रवी खलील तिराहा और शहमातगंज इलाके से सक्रिय दिखे। कई झुंड बिहारीपुर चौक से चौपुला पुल की ओर जाते दिखे। यह भीड़ नारेबाजी करती हुई आगे बढ़ रही थी, जिसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।
सुभाषनगर से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
जांच अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो में यह भी साफ दिखा कि सुभाषनगर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस भीड़ को संगठित तरीके से लाने वाला कौन था। माना जा रहा है कि इन्हीं चेहरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
इधर, फुटेज में यह भी नजर आया कि सिविल लाइंस की ओर बढ़ते हुए उपद्रवी बैरिकेडिंग तोड़ते दिखे। नौमहला मस्जिद के पास माहौल और अधिक बिगड़ गया, जहां पुलिस के समझाने के बावजूद लोग उग्र हो गए और पथराव शुरू कर दिया।
ड्रोन वीडियो में साफ दिखाई दी भीड़
पुलिस द्वारा जारी ड्रोन वीडियो में साफ दिख रहा है कि नमाज़ के बाद अचानक खलील तिराहे पर भीड़ इकट्ठा हुई और धीरे-धीरे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। वीडियो में भीड़ के हाथों में लाठी-डंडे और पत्थर साफ नजर आ रहे हैं।
अधिकारियों का दावा है कि यह फुटेज अदालत में साक्ष्य के रूप में भी पेश किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि जांच में कई पहलुओं पर फोकस किया जा रहा है ताकि यह साफ हो सके कि उपद्रव की योजना किस तरह बनाई गई थी।
82 गिरफ्तारी और 10 मुकदमे दर्ज
अब तक पुलिस 82 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, 10 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें 125 नामजद और करीब तीन हजार अज्ञात शामिल हैं। इनमें सात मुकदमों में एक संगठन प्रमुख का नाम भी है।
जांच को और तेज़ करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में तीन सीओ और 14 इंस्पेक्टर शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।












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