सीएम से मिलने पहुंची लाचार माँ, पुलिस ने रोका तो पैर पकड़ बोली 'साहब मेरा बेटा दिला दो '
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर काशी में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर एक मां सीएम से गुहार लगाने पहुंची थी। महिला का कहना था कि 4 सितम्बर से उसका बेटा लापता है जिसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस लाचार मां ने पास खड़े एसपी सिटी के पैर पकड़ लिए और रोना शुरू कर दिया। इतना सब होते देख अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। इसके बाद तुरंत मौके पर पर संबंन्धित थानेदार को बुलाया गया और कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। हालांकि पुलिस ने महिला को सीएम योगी से मिलने नहीं दिया।
ये है पूरा मामला
मामला वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के रसूलगढ़ गांव का है। यही की रहने वाले युवक रामजतन यादव और पत्नी निशा यादव का 14 साल का बेटा शुभम बीते 4 सितंबर से लापता है। निशा आज वाराणसी के सर्किट हॉउस ये आरोप लेकर पहुंच गई कि पुलिस ने कई बार चक्कर लगवाने के बाद मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन उसे ढूढ़ने का प्रयास नहीं कर रही है।
मौसी के यहां पढ़ने गया था बेटा
महिला का कहना है, 'बेटा 4 अप्रैल को मौसी ऊषा के यहां पढ़ने के लिए गया था। वो स्कूल के लिए निकला, लेकिन वापस नहीं आया।' सीएम साहब से मिलने के गुहार लगाते हुए वो बैरिकेटिंग को पार कर सर्किट हॉउस के गेट पर जाने का प्रयास कर ही रही थी की वह मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे रोक दिया। जिसके बाद महिला अपने दूसरे बच्चे के साथ वहां खड़े एसपी सिटी दिनेश सिंह और सीओ राकेश कुमार नायक के पैर पकड़ कर गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया की साहब मेरा बेटा दिलवा दीजिए। महिला की करुणा और सीएम के आगमन को देख तत्काल एसओ सारनाथ अखिलेश मिश्रा को मौके पर बुलाया गया और तत्काल करवाई के निर्देश दिए गए।
एसओ ने ऐसे दी अपनी सफाई
वहीं इस मामले पर सारनाथ थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि हमने शुभम के लापता होने का मुकदमा 4 सितंबर को ही दर्ज कर लिया था। जिसके बाद जांच में बच्चे के बैग से एक लेटर मिला है। उसमें लिखा था- 'मां..मौसी बहुत घर का काम कराती है, मुझे मत ढूढ़ना मुंबई जा रहा हूं।'












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