Bahraich Encounter: बहराइच में मुठभेड़, दो के पैर में लगी गोली, 5 गिरफ्तार, नेपाल भाग रहे थे
Bahraich Encounter: उत्तर प्रदेश का बहराइच एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट ने सनसनी फैला दी है। जब 17 अक्टूबर को बहराइच पुलिस और यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की संयुक्त टीम द्वारा सांप्रदायिक हिंसा के आरोपियों को पकड़ने के लिए बड़ी कार्रवाई की गई।
पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान रिंकू उर्फ सरफराज खान और मोहम्मद तालिब के पैर पर गोली मारी। मुठभेड़ के बाद में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, अभी कैजुअल्टी की जानकारी नहीं है। कौन है सरफराज?

मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, सरफराज के बारे में बात करें तो वह अब्दुल हमीद का बेटे है, जो इस सांप्रदायिक हिंसा का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। सरफराज की एक तस्वीर, जिसमें वह गोली चलाते हुए दिख रहा था, एक दिन पहले सामने आई थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि सरफराज और तालिब नेपाल भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें नानपारा क्षेत्र के हांडा बसेहरी नहर के पास पकड़ लिया।
मुठभेड़ के बाद 5 गिरफ्तार
- हिंसा का मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद
- अब्दुल हमीद के दो बेटे सरफराज, फहीम
- सरफाराज का साथी तालिब
पहले से थी सरफराज के एनकाउंटर की आशंका?
इससे पहले, अब्दुल हमीद की बेटी रुखसार ने बयान दिया था कि उनके पिता, दो भाइयों और एक अन्य युवक को यूपी एसटीएफ ने उठा लिया है, और उन्हें आशंका थी कि पुलिस इनका एनकाउंटर कर सकती है। इस बयान से पहले ही एनकाउंटर की आशंका जताई जा रही थी, और अब इस मुठभेड़ के बाद रुखसार की चिंता सही साबित होती दिख रही है।
13 अक्टूबर को हिंसा में हुई थी रामगोपाल की हत्या
आपको बता दें, 13 अक्टूबर को जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंसा भड़की थी। इस हिंसा में एक युवक राम गोपाल मिश्रा की गोली मारी हत्या की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवक को गोली मारने से पहले उसको टॉर्चर किया गया। हाथ-पैर के नाखून उखाड़ दिए गए थे। उसका दोष सिर्फ इतना था कि, रामगोपाल ने दूसरे समुदाय के एक घर की छत पर झंडा फहराया था। सामाजिक तत्वों उसको दबोचकर एक कमरे में काफी प्रताड़ित किया, उसके बाद गोलियों से भून दिया।
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