धर्मेंद्र यादव लड़ेंगे आजमगढ़ उपचुनाव, सपा ने आखिर मुलायम परिवार से ही क्यों बनाया कैंडिडेट
नई दिल्ली, 6 जून: आजमगढ़ लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन समाजवादी पार्टी ने कैंडिडेट के तौर पर धर्मेंद्र यादव के नाम का ऐलान किया है। आज धर्मेंद्र अपना पर्चा दाखिल करेंगे। सपा की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर कई नामों की चर्चा चल रही थी लेकिन आखिर में टिकट धर्मेंद्र यादव को दिया गया।

सपा से कई नाम रहे चर्चा में
आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव के लिए बलिहारी बाबू के बेटे सुशील कुमार आनंद, रमाकांत यादव और डिंपल यादव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। एक बार तो सुशील कुमार आनंद के नाम तो तय मान लिया गया लेकिन अब धर्मेंद्र चुनाव लड़ेंगे। सवाल उठ रहा है कि आखिर मुलायम परिवार पर ही क्यों सपा ने दांव लगाया है।

आजमगढ़ सपा का गढ़
आजमगढ़ को राजनीतिक लिहाज से समाजवादी पार्टी का बढ़ माना जाता है, यहां की सभी विधानसभा सपा के पास हैं। इस सीट से मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव सांसद रह चुके हैं। ऐसे में ये सीट सपा के लिए खास है। सपा इस सीट को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती है। बताया गया है कि पार्टी की अपनी रिपोर्ट में किसी अन्य कैंडिडेट के मुकाबले मुलायम परिवार के सदस्य की जीत का चांस ज्यादा था। ऐसे में धर्मेंद्र को उतारने का फैसला लिया गया।

धर्मेंद्र यादव को अखिलेश ने मनाया
आजमगढ़ सीट पर रमाकांत यादव का अच्छा प्रभाव है लेकिन रमाकांत के जीतने पर 2024 में उनका टिकट काटना सपा के लिए मुश्किल होता। ऐसे में धर्मेंद्र यादव को मनाकर यहां लाया गया। बताया गया है कि धर्मेंद्र बदायूं में ही रहना चाहते थे लेकिन पार्टी ने उनको मना लिया।
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए अधिसूचना 30 मई को जारी की थी। दोनों सीटों पर नामांकन दाखिल करने की आज आखिरी तारीख है। इन दोनों सीटों पर 23 जून को वोट डाले जाएंगे। 26 जून उपचुनाव का रिजल्ट घोषित किया जाएगा।












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