Ayodhya Deepotsav 2022: दीपोत्सव की तैयारियों में जुटी UP सरकार, जानिए इस बार क्या रहेगा खास
लखनऊ, 5 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में दीपोत्सव (Ayodhya Deepotsav 2022) को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यूपी राज्य पर्यटन विभाग ने अयोध्या में दीपोत्सव समारोह के छठे संस्करण के लिए लोगो डिजाइन करने के लिए लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। अयोध्या में हर साल दिवाली की पूर्व संध्या पर दीपोत्सव का आयोजन किया जाता है। ये उत्सव मार्च 2017 में भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) द्वारा राज्य में सरकार बनाने के बाद शुरू हुए। मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi Adityanath) आदित्यनाथ दीपोत्सव समारोह की अध्यक्षता करते हैं। योगी की सरकर बनने के बाद से ही अयोध्या के साथ ही काशी और मथुरा भी सरकार के एजेंडे में सबसे उपर हैं।

दीपोत्सव के आयोजन में जुटी सरकार
राज्य सरकार नियमित रूप से अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन कर रही है। प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां [email protected] पर भेजनी होगी। विजेताओं को पुरस्कार मिलेगा। यह आयोजन विशेष है क्योंकि इस अवसर पर राजसी राम की पैड़ी घाट को मिट्टी के दीयों (दीयों) से रोशन किया जाता है। अयोध्या में अन्य घाटों और मंदिरों को भी दीपोत्सव पर मिट्टी के दीयों से रोशन किया जाता है।

सीएम करेंगे क्वीन हो मेमोरियल पार्क का उद्घाटन
नवंबर 2021 में पिछले दीपोत्सव समारोह के दौरान, सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी घाट को 9,41,551 दीयों से रोशन किया गया था, जिसने एक ही स्थान पर सबसे अधिक संख्या में मिट्टी के दीयों को रोशन करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। प्रशासन ने 2019 में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया था जब दीपोत्सव पर 4,10,000 मिट्टी के दीपक जलाए गए थे।अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि दीपोत्सव समारोह के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। इस साल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां क्वीन हो मेमोरियल पार्क का भी उद्घाटन करेंगे।

अयोध्या में इस बार जलाए जाएंगे 14 लाख दीये
पर्यटन विभाग अयोध्या में 'दीपोत्सव' के दौरान 14 लाख से अधिक दीये जलाने का नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। इसके अलावा अयोध्या के 21 प्रमुख मंदिरों में 4.50 लाख दीये जलाए जाएंगे। पर्यटन विभाग ने सभी जिलों के मजिस्ट्रेटों को अपनी-अपनी ग्राम सभा से 10-10 दीये बनाने और दीप दान करने को कहा है. ये सभी दीये सरयू के तट पर राम के चरणों में प्रज्ज्वलित होंगे। राम की पैड़ी में विश्व रिकॉर्ड देखने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी मौजूद रहेगी।

मंदिरों को भी दीपों से सजाया जाएगा
अयोध्या के मंदिरों में जलेंगे 21,000 दीये इसी तरह कनक भवन, गुप्तार घाट, दशरथ समाधि, राम जानकी मंदिर, साहबगंज, देवकाली मंदिर, भरत कुंड (नंदी गांव) समेत प्रमुख मंदिरों में 21,000 दीये जलाए जाएंगे. पूरे अयोध्या को रोशन करने के लिए सामाजिक संगठनों के बीच भी दीयों का वितरण किया जाएगा। पर्यटन के उप निदेशक ने कहा कि हर साल की तरह रामलीला का आयोजन किया जाएगा जिसमें कई देशों के कलाकार भाग लेंगे। इसके साथ ही आतिशबाजी और लेजर शो भी होंगे।

मथुरा-अयोध्या-काशी पर सरकार का फोकस
काशी विश्वनाथ धाम का जिस तरह से सरकार ने कायाकल्प किया है उससे अब वहां रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आ रहे हैं जिससे वहां मंदिर ट्रस्ट को कमाई भी हो रही है। इसके साथ ही मथुरा के विकास के लिए योगी ने पहली सरकार में ब्रज तीर्थ विकास बोर्ड का गठन किया था। अयोध्या में जहां यूपी और केंद्र सरकार से जुड़ी हजारों करोड़ की परियोजनाएं परवान चढ़ रही हैं वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी और सीएम योगी के प्रयासों से काशी भी संवर रही है। इसके जरिए मथुरा के साथ ही गोकुल, वृंदावन का भी कायाकल्प करने का प्रयास सरकार कर रही है।












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