अयोध्या में सरयू तट पर 1500 मुसलमानों को पढ़नी थी नमाज, ऐन वक्त पर बदली गई जगह
फैजाबाद। अयोध्या में प्रशासन ने सरयू नदी के तट पर होने वाले कार्यक्रम स्थल को बदल दिया है, जिसमें करीब 1500 मुसलमानों को नमाज पढ़नी थी। राष्ट्रीय मुस्लिम मंच द्वारा संचालित किए जाने वाले इस कार्यक्रम पर पूरे देश की निगाहें थीं। अब प्रशासन का कहना है कि संतो की नाराजगी को देखते हुए ऐन वक्त पर कार्यक्रम स्थल को चेंज कर दिया।

मालूम हो कि राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने गुरुवार को सरयू तट पर कुरान की आयतें पढ़ने का ऐलान किया था। इस कार्यक्रम में लगभग डेढ़ हजार मुस्लिम कुरान की आयतें पढ़कर राम मंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने की दुआ मांगने की बात कही जा रही थी। इस कार्यक्रम पर पूरे देश की निगाहें लगी थीं। इस घोषणा के बाद अयोध्या में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। अचानक से इस आयोजन को रदद कर दिया। प्रशासन ने कहा कि संतो की नाराजगी के चलते ऐसा किया जा रहा है।

संतो ने जताई थी नाराजगी
राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के ऐलान के बाद राम मंदिर संत राजू दास ने कहा कि वह मुस्लिमों को सरयू नदी में वजू नहीं करने देंगे। उन्होंने कहा कि सरयू एक पवित्र नदी है और ये हमारी आस्था का प्रतीक है। इसके घाट पर किसी मुस्लिम को वजू नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की बात वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं, बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी ने भी इस कार्यक्रम को सिर्फ प्रोपोगेंडा बताया था।
विरोध को देखते हुए कार्यक्रम पर लगी रोक
गुरुवार को राष्ट्रीय मुस्लिम मंच का अयोध्या में सरयू नदी के किनारे वुजू करके कुरान की आयत पढ़ने का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम के विरोध भी हिन्दू संगठनों की तरफ से किया जा रहा था। प्रवीण तोगड़िया ने भी इसका विरोध किया था। इन्हीं सब विरोधों की वजह से प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सरयू नदी के तट पर कराने से रोक दिया। अब इस कार्यक्रम को सरयू की बजाय नौ गज की मजार पर किया जाएगा।












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