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ऑटो चलाकर बेटे को बनाया यूपी का टॉपर, जानिए इंटरमीडिएट के टॉपर आकाश की कहानी

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    इलाहाबाद। अगर बच्चे कुछ कर गुजरने के सपने बुनते हैं, वह पढ़ना चाहते हैं तो मां-बाप किसी भी हद तक जाकर उनके सपनों को पूरा करने के लिए अपनी ओर से हर वह इंतजाम करते हैं, वह हर जरूरत पूरी करते हैं, जो बच्चा उनसे अपेक्षा करता है। खुद तंगहाली में जीकर बच्चे को पढ़ने लिखने के लिए, हर मूलभूत सुविधा मुहैया कराने के लिए ऐसे ही एक पिता ने अपना घर-बार छोड़ा और शहर आकर ऑटो चलाने लगा। ऑटो चलाने से इतने पैसे तो नहीं मिलते थे कि वह एक ऐशोआराम वाला जीवन जी लेता लेकिन अपने बेटे को टॉपर बनाने के लिए उसकी मेहनत रंग लाई है। ऑटो ड्राइवर के बेटे आकाश मौर्य ने यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा को टॉप किया है और अब पूरा परिवार खुशियों में झूम रहा है।

    क्या है इनकी कहानी

    क्या है इनकी कहानी

    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले का रहने वाला कुलदीप का परिवार सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के छोटे से गांव बरदरी मरका मऊ में रहता था। घर में खेती किसानी के लिए काफी जमीनें थी । लगभग 8 बीघा जमीन पर फसल उगाई जाती थी, लेकिन हर बार मौसम की मार और प्राकृतिक आपदा से फसल अच्छी नहीं हो रही थी, जिससे आर्थिक तंगी ने भी घर में दखल दे दी थी। उपर से गांव का माहौल बच्चों की पढ़ाई और ऊंचे सपने वाले भविष्य के लिए माकूल नहीं था। कुलदीप को अपने बेटे आकाश के सुनहरे भविष्य की चिंता थी वह उसे आगे बढ़ते हुए देखना चाहता था, लेकिन गांव की परिस्थितियों के बीच ऐसा कर पाना संभव नहीं था। ऐसे में कुलदीप ने बड़ा कदम उठाया।

    छोड़ दिया घर और चलाया ऑटो

    छोड़ दिया घर और चलाया ऑटो

    कुलदीप ने घर छोड़ने का बड़ा फैसला लिया और बेटे को अच्छी शिक्षा व परवरिश देने के लिए वह बाराबंकी शहर आ गए। शहर में जीवन और भी कठिन था, यहां आर्थिक परिस्थितियों और भी कमजोर होने लगी। इस पर कुलदीप ने किराए पर ऑटो लिया और उसे चलाने लगा । शहर के ही काशीराम कॉलोनी में किराए पर मकान मिल गया और फिर वह यहीं अपने परिवार के साथ शिफ्ट हो गए।

    सबको था आकाश पर भरोसा

    सबको था आकाश पर भरोसा

    आकाश भी पिता की मेहनत को जाया नहीं होने देना चाह रहा था और लगातार अपनी मेहनत से क्लास में सबसे आगे नजर आने लगा। पूरे परिवार को भरोसा था कि इस बार कुलदीप कुछ अच्छा करेगा, लेकिन किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि वह पूरे यूपी का सबसे होनहार छात्र बनकर निकलेगा। आकाश साईं इंटर कॉलेज में पढ़ रहा था और प्रिंसिपल से लेकर हर टीचर ने कुलदीप की सफलता के प्रति भरोसा था। जब 29 अप्रैल को यूपी बोर्ड ने रिजल्ट जारी किया तो संयुक्त रुप से आकाश ने पूरे यूपी में पहला स्थान हासिल किया है।

    घर में खुशियों का माहौल

    घर में खुशियों का माहौल

    कुलदीप के घर जैसे ही यह खबर पहुंची कि कुलदीप ने पूरे यूपी में टॉप किया है, हर तरफ खुशियां फैल गई। लोग मिठाइयां बांटने लगे और बधाई देने वालों का तांता लग गया। कुलदीप की मां फूल केसरी को ने कहा कि वह आज अपने बेटे की सफलता पर बहुत खुश हैं। इस बारे में आकाश ने भी मीडिया कर्मियों से बात करते हुए अपनी सफलता की कहानी बताई और कहा कि जब आप कुछ करने का मन बना ले तो कोई भी मुश्किल आपको सफल होने से नहीं रोक सकती।

    आकाश ने कैसे छुआ आसमान

    आकाश ने कैसे छुआ आसमान

    आकाश अब भविष्य में इंजीनियरिंग की फील्ड में झंडे गाडना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर भी कभी कभी एक्टिव रहने और राजनीति से पूरी तरह दूर रहने वाले आकाश ने बताया कि वह शुरू में तो पढाई को लेकर बहुत नियमित नहीं थे। लेकिन, बाद में वह 5 -6 घंटे रोज पढ़ते थे। रजनीश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पेरेंट्स टीचर और दादाजी को दिया। रजनीश ने स्टूडेंट्स को संदेश देते हुये कहा कि टेस् के दौरान क्लास में नंबर कम आये तो घबराये नहीं, कमी हमे सिखाती है। जहां कमी हो उस पर फोकस करें, बार बार सीखें, टीचर से पूछे। एग्जाम के समय ही नही पूरे साल मेहनत करो सफलता जरुर मिलेगी। आकाश ने कहा कि कभी कुछ पूछने में शर्म न करे, जो नहीं आता उसे सीखे।

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    English summary
    auto driver son akash tops in intermediate exam

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