'UP के डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला का कट्टर फैन, दोनों हाथों से चलाता है बंदूक, जिगाना पिस्टल से इसी ने चलाई गोली'

Atiq Ahmad and Ashraf killings Sunny (Mohit Singh): अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या में शामिल तीन हमलावरों में से एक सनी 1990 के दशक के डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला के कट्टर प्रशंसक हैं।

Atiq Ahmad and Ashraf killings Sunny (Mohit Singh)

Atiq Ahmad killings Sunny (Mohit Singh): माफिया से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या में शामिल तीन हमलावरों में से एक मोहित सिंह उर्फ सनी सिंह 1990 के दशक के उत्तर प्रदेश हाई-प्रोफाइल डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला (Shriprakash Shukla) का कट्टर फैन है। गोरखपुर के डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला का बचपन से ही सनी सिंह पोस्टर रखता था। सनी सिंह श्रीप्रकाश शुक्ला की स्टाइल में फायरिंग करता था।

'श्रीप्रकाश शुक्ला के स्टाइल में दोनों हाथों चलाता है बंदूक'

हमीरपुर का रहने वाला सनी सिंह श्रीप्रकाश शुक्ला की तरह ही बनना चाहता था। उसको अपना आयइल मानता था। बचपन से ही उसका पोस्टर अपने पास रखता था। पुलिस के मुताबिक सनी सिंह सिर्फ 23 साल का है। सनी श्रीप्रकाश शुक्ला की तरह, उसी की स्टाइल में दोनों हाथों से बंदूक चलाने में माहिर था। पुलिस के मुताबिक सनी दोनों हाथों से एक जैसा निशाना लगाने के लिए कुख्यात है।

सनी ने ही चलाई थी जिगाना पिस्टल, 14 मामले हैं दर्ज

पुलिस के अनुसार सनी ने ही अशरफ अहमद पर तुर्की में बनी बंदूक जिगाना पिस्टल से फायरिंग की थी। सनी पर 14 मामले दर्ज हैं। सनी पर जानलेवा हमले और डकैती के तीन मामलों और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। वह 2021 में चित्रकूट जेल में बंद था।

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8वीं तक की है पढ़ाई, 12 साल पहले छोड़ा घर

सनी सिंह के बड़े भाई पिंटू सिंह ने मीडियाकर्मियों को बताया कि वह 12 साल पहले ही छोड़कर चला गया था। पुलिस के मुताबिक सनी फिलहाल 23 साल का है यानी वह 11 साल की उम्र में घर से भागा था। पिंटू सिंह ने कहा कि उसे हत्या में अपने भाई की संलिप्तता के बारे में टेलीविजन से देखकर पता चला।

Atiq Ahmad and Ashraf killings Sunny (Mohit Singh)

स्थानीय लोगों ने कहा कि मोहित उर्फ सनी ने कभी पढ़ाई नहीं की। उसका पढ़ाई में मन ही नहीं लगता था। उसने केवल 8वीं कक्षा पास की है। भाई पिंटू ने कहा, "मेरे पिता जगत सिंह का 10 साल पहले निधन हो गया था जिसके बाद मेरी मां भी हमें छोड़कर चली गई। हमारे पास कोई जमीन या संपत्ति नहीं है। मेरे पिता की मृत्यु के तुरंत बाद, परिवार ने खुद को सनी से दूर कर लिया है।"

10 साल की उम्र में साइबर कैफे जाता था और श्रीप्रकाश शुक्ला की तस्वीर निकालता था

सनी सिंह के बड़े भाई पिंटू सिंह कहा, "मेरे पास अब उनकी बहुत धुंधली यादें हैं। हम तब किराए के मकान में रहते थे, उसे पढ़ाई में कोई दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन बंदूकों में उसकी दिलचस्पी थी।" स्थानीय लोगों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि मोहित उर्फ सनी 10 साल की उम्र से साइबर कैफे जाता था और अपराधियों की खासकर श्रीप्रकाश शुक्ला का प्रिंटआउट लेता था।

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बम बनाने में भी माहिर है सनी

सनी को किसी पार्टियों में शामिल होना और किसी भी सामाजिक सभा में शामिल होना पसंद नहीं था। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि सनी क्रूड बम बनाने में भी माहिर था। उसने तीन बार देसी बम फेंके थे। उसके ऊपर ड्रग पेडलिंग और हथियारों की आपूर्ति करने वाले रैकेट में शामिल होने के दो मामले भी हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे उन जेलों की जांच कर रहे हैं जहां सनी कैदी था।

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