Aparna Yadav के तलाक की बात फर्जी या सच में होने वाला है? प्रतीक यादव पहले भी पत्नी को लेकर कर चुके हैं पोस्ट
Aparna Yadav Prateek Yadav News: उत्तर प्रदेश की राजनीति और यादव परिवार एक बार फिर निजी विवाद को लेकर सुर्खियों में है। समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का खुला ऐलान कर दिया है। हालांकि अपर्णा यादव के भाई का कहना है कि प्रतीक का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हुआ है। लेकिन दूसरी तरफ प्रतीक के 'तलाक वाली' पोस्ट के 7 घंटे (खबर लिखे जाने तक) हो चुके हैं,वो अब तक डिलीट नहीं हुए हैं।
तलाक वाला पोस्ट प्रतीक ने 19 जनवरी को सुबह साढ़े 11 बजे तक किया था लेकिन वो शाम के 6:30 बजे तक भी डिलीट नहीं हुआ है। ना ही प्रतीक यादव और अपर्णा यादव ने इसपर कोई बयान दिया है। नाही वो मीडिया संस्थानों के फोन कॉल उठा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह गुस्से में किया गया सोशल मीडिया पोस्ट है या सच में रिश्ते की आखिरी कड़ी टूटने वाली है। पूरे विवाद को समझने के लिए इसकी परतें खोलना जरूरी है।

इंस्टाग्राम पोस्ट से मचा सियासी और पारिवारिक तूफान
प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पोस्ट में अपर्णा यादव पर परिवार तोड़ने, स्वार्थी होने और सिर्फ पावर व शोहरत के पीछे भागने जैसे आरोप लगाए। पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मानसिक स्थिति खराब है और पत्नी को इसकी कोई परवाह नहीं। कुछ ही घंटों में यह पोस्ट वायरल हो गई और राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
उन्होंने लिखा,
''मैं इस स्वार्थी औरत से जल्दr तलाक लेने जा रहा हूं। इसने मेरे पारिवारिक रिश्ते बर्बाद कर दिए। इसका लक्ष्य है मशहूर और प्रभावशाली बनना। मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है। इसे कोई परवाह नहीं। इसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने कभी ऐसी बुरी आत्मा नहीं देखी। मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने इससे शादी की।''

अपर्णा यादव की चुप्पी, सवाल और बढ़े
इस पूरे घटनाक्रम पर अपर्णा यादव की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वह इस समय भाजपा में हैं और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं। दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन प्रतीक ने पोस्ट किया, उस दिन अपर्णा चेन्नई में थीं और प्रतीक विदेश में। यानी दोनों उस वक्त लखनऊ में भी मौजूद नहीं थे। इससे अटकलें और तेज हो गईं कि मामला अचानक नहीं, बल्कि काफी समय से सुलग रहा था।
क्या 2022 से ही बिगड़ चुके थे रिश्ते, पहले भी प्रतीक ने अपर्णा को लेकर किए थे पोस्ट
कुठ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच तनाव की शुरुआत 2022 में हुई थी, जब अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली। यह फैसला प्रतीक को मंजूर नहीं था। माना जाता है कि इसी राजनीतिक दूरी ने धीरे-धीरे निजी रिश्तों को भी प्रभावित किया। प्रतीक इससे पहले फरवरी 2025 में भी अपर्णा के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुके हैं, जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया था।
प्रतीक ने 5 फरवरी 2025 को अपर्णा के खिलाफ सोशल मीडिया पर तीन पोस्ट किए थे। जिसमें उन्होंने लिखा था, ''अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी है। कभी सबूतों के साथ सारी बात बताएंगे।'' एक अन्य पोस्ट में लिखा था, ''अपर्णा ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी है।''
तीसरे पोस्ट में लिखा था, ''अपर्णा की असली सच्चाई और अतीत मेरे अलावा कोई और नहीं जानता है, आप लोग इसका साथ कभी मत दीजिएगा। ये जो भी करती है पैसे और पावर के लिए करती है।''
ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि अगर तलाक लेने की बात झूठ होती तो अब तक पोस्ट डिलीट क्यों नहीं किया गया है। आखिरी अपने रिश्ते पर अपर्णा यादव क्यों चुप हैं। खैर इन सवालों के जवाब अपर्णा यादव या प्रतीक ही देंगे।

अपर्णा यादव और प्रतीक की लव स्टोरी से हाई-प्रोफाइल शादी तक
अपर्णा और प्रतीक की कहानी कभी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी। दोनों की मुलाकात 2001 में एक बर्थडे पार्टी के दौरान हुई थी और बातचीत ई-मेल से शुरू हुई। करीब एक दशक तक चले रिश्ते के बाद 4 दिसंबर 2011 को दोनों ने सैफई में भव्य शादी की। इस शादी में लाखों मेहमान शामिल हुए थे और अमिताभ बच्चन जैसी हस्तियां भी पहुंची थीं। आज इसी शादी से दो बेटियां हैं, जिनका जिक्र इस विवाद में सबसे ज्यादा संवेदनशील पहलू बन गया है।
राजनीति ने कैसे बदली अपर्णा की पहचान
अपर्णा यादव शुरू से ही मुखर रही हैं। सपा में रहते हुए उन्होंने आरक्षण और पार्टी लाइन से अलग बयान देकर कई बार विवाद खड़े किए। 2017 में उन्होंने लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2022 में टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया, जिसे मुलायम परिवार के लिए बड़ा झटका माना गया। भाजपा में उन्हें न सिर्फ मंच मिला, बल्कि बाद में महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी बनाया गया।
अपर्णा यादव का विवादों से पुराना नाता
अपर्णा का नाम बीते कुछ वर्षों में कई विवादों से जुड़ा। परिवार पर एफआईआर, मां और भाई पर केस, और KGMU से जुड़े हालिया विवाद ने उन्हें लगातार सुर्खियों में रखा। जनवरी 2026 में KGMU पहुंचकर समर्थकों के साथ हंगामे के आरोप भी लगे। हालांकि, इन मामलों में अपर्णा ने खुद को मुखर सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर पेश किया।
राजनीति से दूर प्रतीक यादव की दुनिया
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते हैं। उन्होंने ब्रिटेन से पढ़ाई की है और लखनऊ में फिटनेस व रियल एस्टेट से जुड़े कारोबार करते हैं। वह 'द फिटनेस प्लानेट' नाम से जिम चलाते हैं और 'जीव आश्रय' नाम की संस्था के जरिए स्ट्रीट डॉग्स के लिए काम करते हैं। उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल और करोड़ों की कारें भी अक्सर चर्चा में रहती हैं।

कितनी है अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की संपत्ति?
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की संपत्ति और लाइफस्टाइल हमेशा से चर्चा में रही है। खासतौर पर प्रतीक यादव की लग्जरी जिंदगी उन्हें सुर्खियों में रखती है। प्रतीक यादव के पास महंगी गाड़ियों का खासा कलेक्शन है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा उनकी लैंबॉर्गिनी स्पोर्ट्स कार की होती है, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जाती है। यह कार उन्होंने साल 2016 में खरीदी थी। दिलचस्प बात यह है कि इस गाड़ी के लिए प्रतीक ने यूनियन बैंक से करीब 4.5 करोड़ रुपये का लोन भी लिया था। उनकी कारों और लाइफस्टाइल को देखते हुए उन्हें अक्सर हाई-प्रोफाइल बिजनेसमैन के तौर पर देखा जाता है।
प्रतीक यादव फिटनेस और वेलनेस से जुड़े कारोबार में सक्रिय हैं। लखनऊ में उनका 'द फिटनेस प्लानेट' नाम से जिम चलता है। इसके अलावा वह बेजुबान जानवरों के लिए काम करने वाली एक एनजीओ भी चलाते हैं। सुप्रीम कोर्ट के कुत्तों से जुड़े एक आदेश के खिलाफ आवाज उठाने के बाद भी वह चर्चा में आए थे।
साल 2015-16 में दाखिल आयकर रिटर्न के मुताबिक, प्रतीक यादव की आय करीब 1 करोड़ 47 लाख रुपये दर्ज की गई थी। वहीं अपर्णा यादव की घोषित आय लगभग 50 लाख रुपये रही। संपत्ति के ब्यौरे में अपर्णा के नाम कोई कार दर्ज नहीं है, जबकि प्रतीक की लैंबॉर्गिनी को 5 करोड़ 23 लाख रुपये की संपत्ति के तौर पर दिखाया गया है।
फर्जी गुस्सा या असली तलाक?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह पोस्ट महज भावनाओं में लिखा गया था या सच में तलाक की प्रक्रिया शुरू होगी। न तो परिवार की ओर से कोई औपचारिक बयान आया है और न ही किसी कानूनी कार्रवाई की पुष्टि हुई है।
लेकिन इतना तय है कि यह विवाद सिर्फ एक पति-पत्नी का निजी मामला नहीं रह गया है, बल्कि राजनीति, परिवार और सार्वजनिक छवि से जुड़कर बड़ा सवाल बन चुका है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह सोशल मीडिया का गुस्सा था या मुलायम सिंह यादव के परिवार में सचमुच एक और रिश्ता टूटने वाला है।












Click it and Unblock the Notifications