BHU में छात्राओं पर लाठीचार्ज के बाद सामने आए कुलपति, आंदोलन को बताया बाहरी साजिश
वाराणसी। बीएचयू परिसर में एक छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना से उपजे छात्राओं के आंदोलन को दबाने के लिए शनिवार देर रात पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया। यहां तक कि पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल के अंदर भी लड़कियों को दौड़ा-दौड़ा पीटा। इस घटना के बाद से कटघरे में आए बीएचयू कुलपति ने रविवार शाम मीडिया के सामने आए और इस आंदोलन को असमाजिक तत्वों द्वारा विश्वविद्यालय के माहौल को खराब करने की साजिश करार दिया।
कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि मामले की शुरूआत में छात्राओं को कुछ मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत थी लेकिन अब मामला बदल गया है। बड़ी मात्रा में बाहर से लोग आए जिन्होंने इस आंदोलन को हवा देने की कोशिश की। हमें जानकारी मिली है कि बाहर से आए कुछ असमाजिक तत्वों ने विश्वविद्यालय परिसर के माहौल को खराब करने की कोशिश की।
वहीं लड़की से हुई छेड़छाड़ की घटना पर त्रिपाठी ने कहा कि परिसर के अंदर बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले भी इस तरह के मामले में कड़े कदम उठाए हैं और इस मामले में भी उठाएंगे। कुछ छात्राओं ने सीसीटीवी लगवाने की मांग की जिसकी प्रकिया शुरू हो गई है। कुछ छात्राओं ने मुझसे कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्राओं की परेशानियों की तरफ ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए, मैं उन छात्राओं की मांग से सहमत हूं। विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर ध्यान दे रहा है।
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इस बीच वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ने बताया कि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को 2 अक्टूबर तक के लिए बंद करने का आदेश जारी किया। इसके अलावा सोमवार को वाराणसी के सभी महाविद्यालयों को भी बंद रखने का आदेश जारी किया है। खबर यह भी आ रही है कि बीएचयू में छात्राओं और छात्रों से जबरन हॉस्टल खाली कराए जा रहे हैं। हालांकि बीएचयू के कुलपति जीसी त्रिपाठी इसे अफवाह करार दे रहे हैं।












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