CM आवास के बाहर आग लगाने वाले आनंद मिश्रा की मौत, अंतिम संस्कार न करने की जिद पद अड़े थे परिजन
CM आवास के बाहर 26 अप्रैल को आग लगाने वाले आनंद मिश्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं मृतक के परिजन बीजेपी विधायक के खिलाफ मुकदमा लिखने की जिद पर अड़ गए और अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।

लखनऊ में सीएम आवास के पास 26 अप्रैल को खुद को आग लगाने वाले युवक आनंद मिश्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। जब उसका शव पोस्टमार्टम के बाद उसके गांव रनागढ़ी पहुंचा तो परिजनो में कोहराम मच गया। पांच दिनों से कुछ न बोलने वाले परिजन गुस्से से आक्रोशित हो उठे। परिजनो ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद डीएम, एसपी ने समझाने का प्रयास किया किंतु परिजन नही माने और सफीपुर विधायक पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग पर अड़े रहे।

आनंद मिश्रा के विरुद्ध दर्ज की थी रिपोर्ट
उन्नाव जनपद के माखी थाना क्षेत्र के रनागढ़ी गांव निवासी आनंद मिश्रा ने 21 अप्रैल को उन्नाव पुलिस अधीक्षक के सीयूजी नंबर पर फोन करके उनके पीआरओ से बात की थी। जिसमे उसने सफीपुर विधायक बंबा लाल दिवाकर को जुलाई महीने में गोली मारने की धमकी दी थी। उसने बताया था कि उसके छोटे भाई के साथ हुई मारपीट की घटना में विधायक के दबाव में माखी पुलिस ने उसकी सुनवाई नही की। बातचीत का आडियो वायरल होने पर भाजपा कार्यकर्ता अतुल अग्निहोत्री की तहरीर पर माखी पुलिस ने आनंद मिश्रा के विरुद्ध अभद्रता और धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की थी।

सीएम आवास के पास खुद को लगाई आग, इलाज के दौरान मौत
पुलिस ने जांच में पाया कि जिस नंबर से आनंद ने फोन किया था उसकी लोकेशन दादरा नगर हवेली पाई गई। जिसके बाद गिरफ्तारी का दबाव बढ़ने पर 26 अप्रैल को आनंद ने लखनऊ सीएम आवास के पास पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली थी। सीएम आवास पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने कम्बल डालकर जैसे तैसे आग को बुझाया और तत्काल अस्पताल में भर्ती करवाया था। लेकिन आनंद मिश्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई ।

अंतिम संस्कार करने से किया मना, कहा: पहले विधायक को जेल भेजो
मृतक आनंद मिश्रा का शव गांव रनागढ़ी पहुंचते ही परिजनो में कोहराम मच गया। मृतक के भाई विधायक के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की जिद पर अड़ गए। उन्होंने कहा कि जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी तब तक अंतिम संस्कार नही करेंगे। पुलिस का दबाव बढ़ता देख मृतक के भाई गुड्डू, मनोज ने खुद को कमरे में बंद कर आत्महत्या करने की धमकी दे डाली। जिसके बाद पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए। जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के अथक प्रयासों और आश्वासन के बाद आज आनंद मिश्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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मृतक की कमाई से चलता था घर
आत्मदाह करने वाले आनंद मिश्रा अपने परिवार के लिए बड़ा सहारा थे। पांच भाईयो में राजू कानपुर में मजदूरी करता है तो दूसरे नंबर के भाई गुड्डू के दोनो फेफड़े खराब हैं। तीसरे भाई का लिवर खराब होने के कारण काम नहीं कर सकता, सबसे छोटे भाई गोलू पर कुल्हाड़ी से हमले के बाद उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया और उसका इलाज कानपुर में चल रहा है। आनंद गुजरात में बैग बनाने की फैक्ट्री में ठेकेदारी करता था, जो भी कमाता था उसे परिवार के लिए भेज देता था। आनंद का शव पहुंचते ही परिजनो और बच्चो में कोहराम मच गया।












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