इलाहाबाद: सपा-कांग्रेस गठबंधन में सुलह, एक-दूजे के लिए प्रत्याशियों ने छोड़ी सीटें
कांग्रेस ने सोरांव विधानसभा सीट सपा के लिये छोड़ी तो वहीं सपा ने बारा और कोरांव विधानसभा सीटें कांग्रेस पार्टी के लिए छोड़ दी हैं।

नहीं हटाया जाएगा चुनाव चिन्ह
बता दें कि चुनाव आयोग के नियम के अनुसार अब ईवीएम मशीन पर से यह चुनाव चिन्ह नहीं हटाये जा सकते हैं। हाथ का पंजा और साइकिल दोनों चुनाव चिन्ह मौजूद रहेंगे। जिससे कुछ वोट समझौते के बाद भी दूसरे चिन्ह पर पड़ सकते हैं।

जिलाध्यक्ष निभाएंगे जिम्मेदारी
सपा-कांग्रेस गठबंधन की ओर से जारी पत्र की जानकारी देते हुये कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने बताया कि कि संयुक्त रूप से प्रदेश नेतृत्व ने अंतिम निर्णय लिया। सोरांव, कोरांव और बारा में अब फ्रेंडली फाइट नहीं होगी। सपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के जिलाध्यक्ष को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह सुनिश्चित करें कि अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में ही दूसरा प्रत्याशी समर्थन देकर कार्य करें।

इस वजह से बड़ा ये विवाद
सपा-कांग्रेस गठबंधन के तहत शहर उत्तरी, सोरांव, कोरांव और बारा कांग्रेस के खाते में गई थी। कांग्रेस ने शहर उत्तरी से अनुग्रह नारायण सिंह, सोरांव से जवाहर लाल दिवाकर, कोरांव से राम कृपाल कोल और बारा से सुरेश कुमार को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन शहर उत्तरी को छोड़ कर सभी सीटों पर सपा ने भी प्रत्याशी उतार दिये। सपा से सोरांव से विधायक सत्यवीर मुन्ना, कोरांव से राम देव निडर और बारा से अजय कुमार मैदान में उतर आये। नाम वापसी के दौरान इन तीनों सीटों पर स्थिति स्पष्ट होने का अनुमान था लेकिन अड़चन बनी रही। लेकिन अब नुकसान होता देख दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व ने फैसला लेते हुये दो सीट कांग्रेस और एक सीट सपा के लिये अधिकृत की। Read also: वाराणसी: बाहुबली विधायक के नामांकन से पुलिस और समर्थकों में हुई झड़प, देखिए Video












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