गंगा पुल के नीचे रखी मिली ये अजीब सी चीज, 'ब्लास्ट' की बात सुनकर दौड़ी पुलिस
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब गंगा पुल को उड़ाने की खबर जिला प्रशासन तक पहुंची। आनन-फानन में पुलिस गंगा पुल के नीचे पहुंची जहां जीपीआरएस सिस्टम से लैस इलेक्ट्रॉनिक मीटर रखा हुआ था। इस मीटर में ऐंटीना और डिजिटल स्क्रीन व बटन देखकर पुलिस भी सकपका गई और फॉरेंसिक यूनिट के साथ बम स्क्वायड टीम को भी खबर भेजी गई। सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर इस खबर के ट्वीट होने से लखनऊ तक के अधिकारी सक्रिय हो गए और डीजीपी कार्यालय ने स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट भी तलब कर ली। हालांकि जब पुलिस टीम संदिग्ध मीटर के पास पहुंची और जांच पड़ताल करने लगी तो पता चला यह मीटर बिजली विभाग का है। बिजली विभाग के जेई के मौके पर पहुंचने के बाद यह पूरी तरह कन्फर्म हो गया कि यह बिजली का ही मीटर है। फिलहाल मीटर के बम जैसी किसी चीज से जुड़े होने की खबर का खंडन होते ही हर किसी ने राहत की सांस ली और अधिकारियों को सूचना दी गई। हालांकि यह मीटर गंगा पुल के नीचे क्यों रखा गया था और यह यहां पहुंचा कैसे यह अभी सस्पेंस बना हुआ है। मीटर के वहां मौजूद होने से काफी कुछ आशंकाएं बनी हुई हैं और अफवाह के मद्देनजर जांच भी की जा रही है।

क्या कह रही पुलिस
गंगा पुल उडाने की खबर सबसे पहले लखनऊ ही पहुंची थी और डीजीपी कार्यालय ने जब रिपोर्ट मांगी तो आईजी इलाहाबाद ने कौशांबी के कप्तान को लाइन पर लिया। इसके बाद फौरान कोखराज थाने की फोर्स मौके पर पहुंची तो जांच पड़ताल के बाद पता चला कि संदिग्ध वस्तु विद्युत विभाग का इलेक्ट्रॉनिक मीटर है। मामले की जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर वाई पी सिंह ने बताया कि मिस्टर यहां कैसे पहुंचे या अभी पता नहीं चल सका है जांच पड़ताल की जा रही है और टोल प्लाजा का सीसीटीवी कैमरा भी देखा जा रहा है। फिलहाल खतरे जैसे कोई बात नहीं है और बम उड़ाने की खबर सिर्फ अफवाह थी। लोग अफवाहों पर ध्यान ना दें और ऐसी किसी भी घटना की सूचना सबसे पहले नजदीकी थाने को जरूर दें।
क्या था माजरा
कौशांबी के सिहोरी में गंगा नदी के ऊपर पुल बना है। दोपहर में मछुआरों ने पुल के नीचे एक अजीब सी चीज देखी। जिसमे सबकुछ फिल्मी बम की तरह नजर आ रहा था और उसमे लगा ऐंटीना वस्तु के बम होने की आशंका पैदा कर रहा था। मछुआरे घबरा गए और बम होने व बम से पुल उड़ाने की खबर फैला दी। कुछ लोग और भी वहां पहुंचे तो मीटर देखकर वह भी चकरा गये और भाग खड़े हुए। इसके बाद यह खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई और जब पुलिस सक्रिय हुई तो पता चला यह बिजली का मीटर था।
क्या है मीटर की खासियत
मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के एक्सपर्ट ने बताया कि यह मीटर पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत कराए जा रहे विद्युतीकरण में इस्तेमाल किया जा रहा है और उसे घर-घर में लगाया जा रहा है। यह मीटर पूरी तरीके से अत्याधुनिक है और इसमें GPRS सिस्टम लगा हुआ है। इसके साथ ही इसमें एंटीना भी लगाया गया है, जबकि मीटर में मदरबोर्ड और चिप भी लगी हुई है और यह पूरी तरीके से डिजिटल व आधुनिक मीटर है, जिससे आनलाइन मॉनीटरिंग की जाती है। मीटर को न जानने वाले व ऐसी दशा में देखकर उसे संदिग्ध डिवाइस मान लेते हैं। फिलहाल माना जा रहा है कि मीटर चोरी हुआ होगा और जीपीआरएस सिस्टम की जानकारी होने पर उसे गंगा नदी में फेंका गया जो पुल के नीचे गिर गया। अब पुलिस बिजली विभाग की मदद से मीटर के सीरिज नंबर के आधार पर जानकारी जुटा रही है।












Click it and Unblock the Notifications