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    इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मदरसों को गाना पड़ेगा राष्ट्रगान

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    लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मदरसों में राष्ट्रगान गाने और योगी आदित्यनाथ सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज का सम्मान करना संवैधानिक कर्तव्य है। जाति, धर्म और भाषा के आधार पर इसमें भेद नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने मदरसों को राष्ट्रगान गाने से छूट नहीं देने की बात कही है। इसी के साथ कोर्ट ने योगी सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दिया है।

    योगी सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका खारिज

    HC का बड़ा फैसला, UP के मदरसों को राष्ट्रगान से छूट नहीं

    यूपी के हर मदरसे में राष्ट्रगान गाना अनिवार्य होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएम योगी आदित्यनाथ के उस फैसले को सही माना है। जिसमे उन्होंने हर मदरसे में राष्ट्रगान गाना अनिवार्य कर दिया था। हाईकोर्ट ने सीएम योगी के फैसले को बदलने वाली याचिका को सिरे से खारिज करते हुये कहा कि राष्ट्रगान का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है। इसमे किसी जाति -धर्म य भाषा के आधार पर छूट देने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हाईकोर्ट ने आज यह भी स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रगान की तरह भारतीय राष्ट्रध्वज का भी उसी तरह सम्मान दिया जाना चाहिये। जैसा की राष्ट्रगान का सम्मान होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो हाईकोर्ट ने राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान की महत्ता को फिर से सीधे और सरल शब्दों में परिभाषित कर दिया है।

    डबल बेंच ने सुनाया फैसला

    उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन मदरसों को निशाना बनाया था जहां राष्ट्रविरोधी गतिविधियां संचालित होती थी। सीएम ने मदरसों में राष्ट्रध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने के लिये आदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि स्वतंत्रता दिवस पर सभी मदरसों में राष्ट्रध्वज फहराया जाए और राष्ट्रगान भी गाया जाए। साथ ही पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराकर सरकार को रिपोर्ट दी जाए। इस आदेश को उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड लागू करने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की और बीते 15 अगस्त के दिन मदरसों में इस आदेश का पालन हुआ लेकिन बहुत संख्या में इस आदेश को नहीं माना गया। इसी आदेश को अलाउल मुस्तफा ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया था और मदरसों को राष्ट्रगान गाने से छूट की मांग की थी। इस पर सुनवाई करते हुये हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खण्ड पीठ ने सीएम के आदेश को सही माना और याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि राष्ट्रगान व राष्ट्रध्वज का सम्मान करना हर भारतीय नागरिक का सवैधानिक कर्त्तव्य है।

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    English summary
    Allahabad High Court decides yogi adityanath decision UP madarsas national anthem.
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