मुजफ्फरनगर दंगा: PM मनमोहन से पहले आज CM अखिलेश करेंगे दौरा

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में गत शनिवार को भड़की हिंसा के एक सप्ताह बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जहां रविवार को मुजफ्फरनगर के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे, वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी सोमवार को दौरा कर सकते हैं। इस बीच हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। सूबे के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अरुण कुमार ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान शनिवार को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के दौरे की जानकारी दी।

अरुण कुमार ने कहा कि मुजफ्फरनगर में तेजी से हालात सामान्य हो रहे हैं। शनिवार को किसी तरह की हिंसा नहीं हुई है। जल्द ही स्थिति को पूरी तरह से काबू में कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री के दौरे की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रविवार को वहां दौरे पर जा रहे हैं। उनके दौरे को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के दौरे के बारे में उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि उनके आने की सूचना मिली है, लेकिन अभी उनके पूरे कार्यक्रम की जानकारी नहीं मिल पाई है।

ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सकते हैं। इस बीच मुजफ्फरनगर जिले में गत शनिवार को भड़की हिंसा अब शांत हो चुकी है, लेकिन जिले के ग्रामीण इलाकों में तनाव अभी भी बना हुआ है। इसे देखते हुए शहरी इलाके में सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक 12 घंटे कर्फ्यू में ढील दी जा रही है। गांवों में सुरक्षाकर्मियों की तादाद बढ़ा दी गई है और लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा जगाया जा रहा है ताकि अमन-चैन बहाल हो सके।

Akhilesh Yadav to visit violence-hit Muzaffarnagar amid tight security

जिले के शहरी इलाके में शुक्रवार को कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी गई और कहीं भी हिंसा नहीं हुई। सुबह सात बजे से लेकर शाम सात बजे के बीच यह ढील आज भी जारी रही। इस बीच ग्रामीण इलाकों में तनाव को देखते हुए प्रशासन की ओर से अधिक संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। मुजफ्फरनगर और शामली जिले में बनाए गए 30 से अधिक राहत शिविरों में करीब 40 हजार लोगों ने शरण ले रखी है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों से पहुंचे इन लोगों को पुन: घर वापसी कराना है।

लोग अभी भी दहशत के साये में जी रहे हैं और घर लौटने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन की ओर से हालांकि राहत शिविरों में दवाइयां, खाने के पैकेट और दूध इत्यादि जरूरी चीजों के इंतजाम करवाए जा रहे हैं। प्रभावितों की संख्या बढ़ने की वजह से प्रशासन को टेंट लगवाने पड़े। जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए प्रशासन की ओर से करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। वहां मोबाइल वैन को भी तैनात किया गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में गत शनिवार को भड़की हिंसा में अब तक 40 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 50 से अधिक घायल हुए हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+