भाजपा के भीतर चल रही हलचल के बीच अखिलेश यादव ने कही ऐसी बात, सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे
लोकसभा चुनाव में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा उसके बाद पार्टी के भीतर मंथन का दौर चल रहा है। एक के बाद एक बैठकें हो रही हैं। इन तमाम बैठकों के बीच पार्टी के भीतर मतभेद की खबरें भी सामने आ रही हैं।
एक तबका तो यहां तक कह रहा है कि भारतीय जनता पार्टी योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटाने की भी तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि योगी की जगह किसी और को प्रदेश की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि भाजपा ने इसे सिरे से खारिज किया है।

भाजपा के अंदर चल रही अंदरूनी कलह ने उस वक्त जोर पकड़ा जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके लिखा का संगठन सरकार से बड़ा होता है। केशव प्रसाद ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात भी थी, जिसके बाद अटकलों का बाजार काफी गर्म हो गया था।
भाजपा के भीतर अंदरूनी मतभेद की खबरों के बीच सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके तंज कसा है। उन्होंने कहा लौट के बुद्धू घर को आए। दरअसल केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली पहुंचे थे लेकिन बुधवार को वापस लखनऊ आ गए, जिसके बाद अखिलेश यादव के इस सोशल मीडिया पोस्ट को केशव प्रसाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे
हालांकि अखिलेश यादव के इस सोशल मीडिया पोस्ट को केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों ने अखिलेश यादव के इस पोस्ट को मजेदार एंगल दे दिया है। एक यूजर ने लिखा कि आप अपने चाचा शिवपाल यादव के बारे में ऐसा नहीं कह सकते हैं।
इंडिया गठबंधन की बैठक में नहीं मिली इज्जत
कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर अखिलेश के इस पोस्ट को इंडिया गठबंधन की बैठक से जोड़ दिया है। इस बैठक में अखिलेश यादव कुर्सी पर बैठे नजर आए थे, इसी पर लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि बाकी नेताओं को बैठने के लिए सोफा मिला, इन्हें कुर्सी मिली, लौट के बुद्धू घर को आए।
दर्द छलक रहा
एक यूजर ने लिखा दर्द छलक रहा है आपकी आंखों से योगी जी के खिलाफ षड्यंत्र रचने में एक बार फिर से विफल हो गये अखिलेश जी आप मोदी के रहते प्रधानमंत्री पद और योगी के रहते मुख्यमंत्री पद के सपने मत देखिए आप
केशव-अखिलेश आमने-सामने
इससे पहले केशव प्रसाद मौर्य और अखिलेश यादव के बीच सोशल मीडिया पर टकराव देखने को मिला था। अखिलेश यादव ने भाजपा के भीतर चल रही सियासी हलचल पर निशाना साधते हुए कहा, भाजपा की कुर्सी की लड़ाई की गर्मी में, उप्र में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है।
तोड़फोड़ की राजनीति का जो काम भाजपा दूसरे दलों में करती थी, अब वही काम वो अपने दल के अंदर कर रही है, इसीलिए भाजपा अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धंसती जा रही है। जनता के बारे में सोचनेवाला भाजपा में कोई नहीं है।
अखिलेश यादव के इस बयान पर केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव जी,भाजपा की देश और प्रदेश दोनों जगह मज़बूत संगठन और सरकार है, सपा का PDA धोखा है। यूपी में सपा के गुंडाराज की वापसी असंभव है,भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव में 2017 दोहरायेगी।
भाजपा के भीतर हलचल
गौर करने वाली बात है कि यूपी चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद यह बात सामने आई है कि भाजपा संगठन और सरकार के बीच अनबन चल रही है। अनबन की इन खबरों के बीच केशव प्रसाद, भूपेंद्र चौधरी सोमवार को दिल्ली पहुंचे थे। दोनों को जेपी नड्डा ने तलब किया था।
इस बैठक के बाद केशव प्रसाद ने कहा था कि पार्टी संगठन सरकार से बड़ा होता है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अति आत्मविश्वास के चलते चुनाव में पार्टी को नुकसान हुआ।












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