क्लीन इमेज के लिए अखिलश ने खेला बड़ा दांव, उम्मीदवारों की लिस्ट से दागियों को किया आउट
अखिलेश यादव ने अपनी लिस्ट से बाहुबली अतीक अहमद, शिब्बेतुल्ला अंसारी और अमनमणि त्रिपाठी जैसे नामों को बाहर कर दिया है। इन्हें शिवपाल की ओर से जारी लिस्ट में शामिल किया गया था।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी में घमासान जारी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव की ओर से करीबियों का टिकट काटे जाने से नाराज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को अपने पसंदीदा उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करके अपनी क्लीन इमेज को बरकरार रखने की कोशिश की है। अखिलेश यादव की ओर से जारी की गई लिस्ट में उन दागी नेताओं को जगह नहीं दी गई है जिनका नाम शिवपाल की ओर से जारी की गई लिस्ट में है।

अखिलेश यादव ने अपनी लिस्ट से बाहुबली अतीक अहमद, शिब्बेतुल्ला अंसारी और अमनमणि त्रिपाठी जैसे नामों को बाहर कर दिया है। इन्हें शिवपाल की ओर से जारी लिस्ट में शामिल किया गया था। उन्होंने लिस्ट में अपने करीबी पवन पांडेय, अरविंद सिंह गोप जैसे उम्मीदवारों को जगह मिली है जिनका टिकट पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने काट दिया था। अखिलेश यादव ने विकास के एजेंडा पर चुनाव लड़ने की रणनीति अपनाते हुए अपनी बेदाग छवि को भी बरकरार रखने की कोशिश की है। दागियों को टिकट देने और दागी नेताओं की पार्टी से करीबी का वह पहले भी विरोध करते रहे हैं।
मुलायम-शिवपाल की लिस्ट में दागियों की भरमार
बुधवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने जिन उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की उनमें दागियों की भरमार है। अखिलेश के विरोध के बाद भी अतीक अहमद को टिकट दे दिया गया। इसके अलावा कांग्रेस से सपा में आए एनआरएचएम घोटाले के आरोपी मुकेश श्रीवास्तव, शशि हत्याकांड में आरोपी रहे आनंद सेन यादव और कई मामलों में गंभीर आरोप झेल रहे भदोही से विधायक विजय मिश्र तक को पार्टी ने टिकट दिया।
निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं ये उम्मीदवार
सूत्रों का कहना है कि अगर पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं हुआ तो अखिलेश यादव ने जिन 235 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है वे निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। सपा विधायक पवन पांडेय ने कहा, 'हम अपने विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे, कड़ी मेहनत करेंगे और अखिलेश यादव को फिर से अपना मुख्यमंत्री बनाएंगे।' वहीं मुलायम सिंह यादव के चचेरे भाई और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि पार्टी के अंदर कुछ लोग हैं जो अखिलेश यादव को सीएम बनते नहीं देखना चाहते लेकिन राज्य की जनता उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाना चाहती है।












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