आजम के बचाव में उतरें सीएम अखिलेश, बीजेपी की सिर फोड़ा दंगे का ठीकरा
लखनऊ। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फनगर में फैली हिंसा भले ही अब धीरे-धीरे शांत हो गई हो, लेकिन हिंसा के बाद सियासी बवंडर बढ़ गया है। दंगे के बाद आई स्टिंग ऑपरेशन ने उत्तर प्रदेश सरकारी की मुश्किलें बढ़ा दी है। लोगों के आलोचनाओं में यूपी सरकार के मंत्री और सबसे कद्दावर नेता आजम खान चौतरफा घिर गए है। विरोधी आजम का इस्तीफा मांग रहे है। वहीं आजम के बचाव में खुद सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उतर गए है।
आजम का बचाव करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुजफ्फरनगर हिंसा में आजम खान का कोई हाथ नहीं है। टीवी पर दिखाया गया स्टिंग ऑपरेशन कट-पेस्ट की राजनीति के तहत किया गया था। किसी राजनीतिक स्वार्थ के चलते टीवी पर ये सब दिखाया गया। उन्होंने कहा कि दंगों के दौरान आजम खान ने किसी पुलिस अधिकारी को फोन नहीं किया था।

दंगों को लेकर चौतरफा प्रहार झेल रहे अखिलेश ने कहा कि आजम खान का इस दंगे से कोई वास्ता नहीं है और न ही इसमें उनकी कोई भूमिका है। उन्होंने किसी भी पुलिस अधिकारी को नहीं बुलाया और न ही पुलिस अफसरों से दंगाईयों के मामले में धीमा रुख बरतने की बात की। अखिलेश ने दंगों के पीछे कुछ हद तक राज्य सरकार की विफलता की बात मानी। उन्होंने कहा कि महापंचायत में आए लोगों का आकलन करने में हमसे चूक हुई।
पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश जहां आजम का बचाव करते नजर आए तो वहीं बीजेपी को दंगा भड़काने के लिए जिम्मेवार ठहराया। उन्होंने कहा कि मुजफ्फनगर दंगों को बीजेपी ने हवा दी। हलांकि अखिलेश सरकारी की नाकामियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तमाम कोशिशों के बाद भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपी विधायकों को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। मामला दर्ज होने के एक सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पुलिस अभी तक किसी नेता को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।












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