'BSP देश में अब कोई भी उपचुनाव नहीं लड़ेगी', यूपी उपचुनाव में करारी हार के बाद मायावती का बड़ा ऐलान
Mayawati News: मायावती की पार्टी बीएसपी करीब 14 साल उत्तर प्रदेश उपचुनाव में उतरी थी। लेकिन, उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद मायावती ने बड़ा ऐलान किया है। मायावती ने कहा, 'हमारी पार्टी देश में अब कोई भी उपचुनाव नहीं लड़ेगी।' इतना ही नहीं, मायावती ने सत्ता का दुरुपयोग करके फर्जी वोट डालने और EVM को लेकर भी सवाल उठाए।
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बीएसपी प्रमुख मायावती ने रविवार 24 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मायावती ने कहा, 'उत्तर प्रदेश में 9 विधानसभा की सीटों पर हुए उपचुनाव में इस बार जो मतदान हुआ है और उसके बाद जो कल नतीजे आए हैं, उसको लेकर लोगों में आम चर्चा है कि पहले देश में बैलेट पेपर के जरिए चुनाव जीतने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करके फर्जी वोट डाले जाते थे।'

मायावती ने कहा कि अब तो EVM के जरिए भी ये कार्य किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बहुत दुख और चिंता की बात है। देश में लोकसभा और राज्यों में विधानसभा चुनावों के साथ-साथ खासकर उपचुनावों में तो अब ये कार्य काफी खुलकर किया जा रहा है। ये सब हमें हाल ही में हुए उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में देखने को भी मिला है।
महाराष्ट्र राज्य में विधानसभा के हुए आम चुनाव में भी इसे लेकर काफी आवाजें उठाई जा रही है। ये हमारे देश और लोकतंत्र के लिए खतरे की बड़ी घंटी भी है। ऐसी स्थिति में अब हमारी पार्टी ने ये फैसला लिया है कि जब तक देश में फर्जी वोटों को डालने से रोकने के लिए देश के चुनाव आयोग द्वारा कोई सख्त कदम नहीं उठाए जाते हैं।
कहा कि तब तक हमारी पार्टी देश में अब कोई भी उपचुनाव नहीं लड़ेगी... हमारी पार्टी देश में लोकसभा व राज्यों में विधानसभा के चुनाव तथा स्थानीय निकायों के चुनाव पूरी तैयारी और दमदारी के साथ लड़ेगी। बता दें, बीएसपी 14 साल उपचुनाव में उतरी थी, लेकिन अपने परंपरागत वोट भी हासिल करने में नाकाम रही।
कटेहरी और मझंवा सीट पर मायावती का पार्टी बीएसपी केवल अपनी जमानत बचाने में कामयाब हो पाई। हालांकि, यहां उसे तीसरे स्थान पर रहना पड़ा। जबकि, कुंदरकी और मीरापुर में बीएसपी का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा। कुंदरकी में बसपा को अब तक का सबसे कम वोट मात्र 1051 वोट ही हासिल हुए।
वहीं, मीरापुर में बसपा साढ़े तीन हजार वोटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। यहां उसे 3248 वोट मिले। कानपुर की सीसामऊ सीट जहां सपा की नसीम सोलंकी ने जीत हासिल की है, वहां बसपा को मात्र 1410 वोट ही मिले। विधानसभा आम चुनाव में बसपा को खैर सीट पर 65 हजार वोट मिले थे। इस बार वह 13 हजार वोटों पर सिमट गई।












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