यूपी: विवेक तिवारी मर्डर मामले में प्रशासन ने मुख्य आरोपी की पत्नी का किया ट्रांसफर
लखनऊ। विवेक तिवारी हत्याकांड को तूल पकड़ता देख लखनऊ पुलिस प्रशासन ने एक सख्त फैसला लिया है। लखनऊ के गोमतीनगर पुलिस स्टेशन में तैनात आरोपी सिपाही प्रशांत की पत्नी का तबादला राजधानी से तकरीबन 450 किमी दूर बलिया कर दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि आरोपी की पत्नी राखी मालिक अपने पति के खिलाफ हो रही कार्रवाई का विरोध कर रही थी।

मीडियाकर्मियों से हुई थी नोकझोंक
जानकारी के मुताबिक, विवेक तिवारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रशांत चौधरी की पत्नी राखी का तबादला लखनऊ से दूर बलिया जिले में कर दिया गया है। मंगलवार को लखनऊ के गोमती नगर इलाके में विवेक तिवारी की हत्या के आरोप में आरक्षी प्रशांत चौधरी के खिलाफ कार्रवाई का विरोध कर रही उसकी आरक्षी पत्नी राखी मलिक ने रविवार सुबह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के शिविर कार्यालय पर हंगामा किया था। इस दौरान मीडिया कर्मियों से भी उसकी नोकझोंक भी हुई थी।
प्राथमिकी दर्ज होने को लेकर हुआ था हंगामा
इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ कर गाड़ी में बैठाया और गोमतीनगर थाने ले गई। कप्तान की चौखट से राखी के बैरंग लौटने के बाद प्रशांत की मां व परिवार के अन्य लोग गोमतीनगर थाने पहुंचे और प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर हंगामा किया। आपको बता दें कि प्रशांत चौधरी यूपी के बुलंदशहर का रहने वाला है। 2015 में प्रशांत यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुआ था। प्रशांत की पत्नी राखी चौधरी भी यूपी पुलिस में कांस्टेबल है और लखनऊ के गोमतीनगर थाने में ही तैनात है।

हो रही है विद्रोह की तैयारी
सूत्रों के हवाले से ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि विभाग में बगावत की आग उठ चुकी है। सोशल मीडिया पर तो इस बगावत की चर्चा का दिन भी निश्चित हो गया है और वो है 5 अक्टूबर। जी हां सोशल मीडिया पर एक पत्र के साथ एक फोटो वायरल हो रही है, जिसमें लिखा है कि आगामी पांच अक्टूबर को यूपी पुलिस विभाग में काला दिवस मनाया जाएगा। यह बगावत खास कर दो मामलों की वजह उठी है।
आरोपी प्रशांत पर लगने लगे नए आरोप
आरोप पुलिस प्रशांत पर अब सिरे से नए आरोप लगने लगे हैं। यह आरोप लखनऊ के ही एक शिक्षक ने लगाया है। उनका कहना है कि प्रशांत रात के वक्त रास्ते पर एक गुमटी वाले की मदद से लोगों को लूटने का काम करता था। गुमटी वाला रात के वक्त प्रशांत को फोन करता और बुलाता।। प्रशांत वहां आकर लोगों से घूसखोरी का काम करता था। शिक्षक ने बताया कि एक रात मैं और मेरे दोस्त अपनी गाड़ी से उसी रास्ते पर थे और गाड़ी रोककर हमने सिगरेट खरीदी जिसके कुछ देर बाद ही प्रशांत पुलिस की वर्दी में वहां आ धमका। पुलिस उसने शिक्षक से 10 हजार रुपए की डिमांड की। शिक्षक के पास पैसे ना होने पर 3 हजार लेकर उन्हें जाने देने की बात कही। जिसके बाद शिक्षक ने 3 हजार रुपए देकर इन सबसे अपना पीछा छुड़ाया।

यह भी हो सकती है मौत की वजह?
विवेक तिवारी की मौत की एक ये वजह भी बताई जा रही है कि हो सकता है उस दिन भी हमेशा की तरह प्रशांत अपने ड्यूटी पर हो। विवेक तिवारी को गोली भी शायद इसलिए मारी गई हो ताकि कहीं वो इन आरोपी पुलिसवालों के कारनामें को सबके सामने उजागर नना कर दे।
ये भी पढ़ें- यूपी: किडनैप बेटी का अब तक नहीं चला पता, गुस्साई मां चढ़ी पानी टंकी के ऊपर, कहा कूदकर दूंगी जान












Click it and Unblock the Notifications