UP में BJP के पन्ना प्रमुख की रणनीति को ऐसे काउंटर करेगी AAP, जानिए पूरी रणनीति
लखनऊ, 18 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अपनी जड़ें जमाने में जुटी आम आदमी पार्टी (आप) ने अब दिल्ली की तर्ज पर अपनी तैयारियों को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है। आप ने ऐलान किया है कि वह नवंबर-दिसम्बर तक होने वाले नगर निगम के चुनाव में भी हाथ आजमाएगी। इसके लिए उसने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल सूत्रों की माने तो बीजेपी के पन्ना प्रमुखों की रणनीति को काउंटर करने के लिए आप ने यूपी में ये प्रयोग शुरू किया है। मोहल्ला प्रभारी अपने अपने क्षेत्रों को संभालेंगे और घर-घर जाकर पार्टी का प्रचार करेंगे।

आप के यूपी प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने कहा कि हर मोहल्ला प्रभारी के पास करीब 25 परिवारों का प्रभार होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ में लगभग 800-1,000 मतदाता हैं इसलिए लगभग 250 परिवार हैं। हम प्रत्येक 100 मतदाताओं पर एक प्रभारी नियुक्त करने की प्रक्रिया में हैं। इन पदाधिकारियों के काम पर अत्यधिक ध्यान दिया जाएगा, जो लोगों को प्रेरित रखने के लिए, उन्हें पार्टी की विचारधारा के बारे में बताने का काम करेंगे।
मोहल्ला प्रभारियों को मिलेगी ये जिम्मेदारी
इसके साथ ही ये मोहल्ला प्रभारी आप के दृष्टिकोण और स्वास्थ्य, शिक्षा आदि पर काम करने के बारे में बात करने और AAP अन्य दलों से कैसे अलग है इस बात को जनता को समझाने का काम करेंगे। माहेश्वरी ने कहा कि यह पहली बार है जब आप यूपी में ऐसा कदम उठाने जा रही है। चूंकि प्रत्येक प्रभारी का एक छोटा लक्ष्य होगा जिससे पार्टी को यह जानकारी एकत्र करने में मदद मिलेगी कि किस परिवार का झुकाव पार्टी की तरफ है। ऐसे मतदताओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
सीवर-पानी और सड़क की समस्याओं पर होगा फोकस
पार्टी के सूत्रों ने कहा कि भले ही 2017 के चुनाव में छोटे क्षेत्रों से अधिक वोट मिले, लेकिन आप की ओर से दी जा रही बेहतर नगरपालिका सुविधाएं जैसे सीवर, पानी शहरी क्षेत्रों के लिए ज्यादा उचित है। पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवार पार्टी से अधिक महत्वपूर्ण थे। लिहाजा इस बार का चुनाव पार्टी केंद्रित हो सकता है।
पिछले निकाय चुनाव में आप को मिले थे लगभग 40 लाख वोट
हालांकि पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि 2017 में जब पार्टी ने यूपी में अपना पहला स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा था तब उसने राज्य भर में लगभग 40 लाख वोट हासिल किए थे। 50 पार्षद सीटें और दो अध्यक्ष जीते। ग्रामीण क्षेत्रों में आप समर्थित 83 उम्मीदवारों ने जिला पंचायत सदस्य सीटों पर जीत हासिल की थी। इसको देखते हुए इस बार नगर निगम के चुनाव में पार्टी के लिए संभावनाएं ज्यादा हैं।
बीजेपी के लिए अहम कड़ी साबित हुए थे पन्ना प्रमुख
उत्तर प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बूथ को मजबूत करने का अभियान चलाया था। इसी रणनीति के तहत बीजेपी की तरफ से एक मेगा अभियान मैं भी पन्ना प्रमुख शुरू किया गया था। यह अभियान पूरे यूपी में आठ अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक चलाया गया था। बीजेपी के पदाधिकारियों का दावा है कि भाजपा के इस अभियान के तहत 50 लाख से अधिक पन्ना प्रमुखों ने सौ प्रतिशत मतदान के लिए डोर टू डोर तथा मैन टू मैन रणनीति के तहत काम किया था।
क्या है बीजेपी के पन्ना प्रमुखों का गणित
- उत्तर प्रदेश में 14.05 करोड़ से अधिक मतदाता हैं।
- मतदाताओं के लिए यूपी में 1.65 लाख पोलिंग बूथ होते हैं।
- इन बूथों पर 800-1200 मतदाता वोट डालने के लिए पंजीकृत होते हैं।
- करीब1200 मतदाताओं के नाम 15-20 पन्नों पर दर्ज होते हैं।
- हर पन्ने पर 50-60 मतदाताओं का नाम होता है।
- 1 पन्ना प्रमुख पर 2 पन्ने यानि 100-150 मतदाताओं के वोट की जिम्मेदारी होती है।












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