मैनपुरी: इंजेक्शन लगाकर डॉक्टर ने ली जान! परिजनों को मारा-पीटा
परिजनों ने डॉक्टर को इंजेक्शन लगाने से मना किया लेकिन वो नहीं माने। इंजेक्शन लगाते ही बुजुर्ग की मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टर ने परिजनों से मारपीट भी की।
मैनपुरी। यूपी के मैनपुरी में डॉक्टर की लापरवाही की कीमत एक बुजुर्ग को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी। मामला मैनपुरी क्षेत्र के थाना किशनी का है जहां के रहने बाले महावीर प्रसाद के पेट में बीती रात दर्द हुआ। परिजन उनको लेकर एक प्राइवेट डॉक्टर को दिखाने शकुंतला मेमोरियल हॉस्पिटल ले गए। आरोप है कि बार-बार मना करने के बाद भी डॉक्टर ने महावीर को इंजेक्शन लगा दिया जिससे क्लीनिक परिसर में ही उनकी मौत हो गयी।

परिजनों का कहना है कि महावीर गुप्ता को इंजेक्शन रिएक्शन करता था और यही वजह थी कि हम लोग डॉक्टर को पहले ही इंजेक्शन लगाने से मना कर देते थे।
बीती रात भी क्लीनिक पर पहुंचने के बाद परिजनों ने इंजेक्शन न लगाने की बात कही लेकिन डाक्टर ने उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और इंजेक्शन लगा दिया जिससे महावीर की तुरंत मौके पर ही मौत हो गई।
उनके पुत्र सचिन का कहना है कि डॉक्टर की घोर लापरवाही की वजह से ही मेरे पिता की जान चली गयी। परिजनों ने इस बात को लेकर जब हंगामा काटा तो डाक्टर व उसके पुत्र ने मृतक के पुत्र सचिन के साथ मार पीट की।
इसके बाद परिजनों ने शव क्लीनिक के बाहर रखकर हंगामा काटा तब कहीं जाकर पुलिस ने तहरीर लेकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
महावीर के बेटे-बेटियों का कहना है कि उनके पिता की हत्या के बाद भी डॉक्टर आराम से क्लीनिक चला रहा है । मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर लेकर अभी कोई कार्यवाई नहीं कर रही है।
परिजनो ने जब हंगामा किया तब जाकर किशनी पुलिस ने डॉक्टर राकेश भदौरिया और उनके पुत्र डा० संजय सिंह के खिलाफ किशनी थाने में गैर इरादतन हत्या, मारपीट और गाली गलौच का केस दर्ज कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मैनपुरी भेज दिया है। इस घटना के बाद लोग यूपी पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठा रहे हैं।












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