योगी सरकार ने की 36,000 करोड़ की कर्जमाफी, मेरठ के किसान को मिले 9 पैसे
नई दिल्ली। यूपी चुनावों के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि वो सत्ता में आने के बाद सबसे पहला कार्य किसानों के कर्जमाफी का करेगी। योगी सरकार ने इस वादे को निभाते हुए पहली कैबिनेट बैठक में लघु सीमांत किसानों के 36,000 करोड़ रुपये के कर्जमाफी की घोषणा की। लेकिन कर्जमाफी के जो प्रमाण पत्र किसानों तक पहुंच रहे हैं उसने योजना की मंशा पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। मेरठ के नगीना में रहने वाले किसान बलिया को 9 पैसे की कर्जमाफी दी गई है। कर्जमाफी का प्रमाण पत्र लेकर बलिया से न हंसते बन रहा था ना ही रोते। इस महत्वकांक्षी योजना में जो घालमेल हुआ है उससे सभी हैरान है। ये सिर्फ इकलौते नगीना की कहानी नहीं है बल्कि ऐसे किसानों की लंबी फेहरिस्त है।

2 और 3 रुपये की मिली कर्जमाफी
मेरठ के जिला कृषि अधिकारी डॉ अवेधश मिश्र के मुताबिक बास्टा के रहने वाले चरन सिंह को 84 पैसे की कर्जमाफी मिली है। तो वहीं आंकू के रामधन को 2 रुपये, मंडावर के रहने वाले हीरा को 3 रुपये और अफजलगढ़ के रहने वाले भागेश को 6 रुपये की कर्जमाफी दी गई। यह सिर्फ मेरठ के ही किसानों की कहानी नहीं है बल्कि इटावा और शाहजहांपुर से भी ऐसे ही मामले सामने आ रहे जहां इसके किसानों के साथ क्रूर मजाक किया गया है।

इटावा में 3 रुपया हुआ माफ
इटावा जिला के भरथना तहसील के भोली गांव में एक किसान का इतना कर्ज माफ कर दिया गया है जिसका प्रमाण पत्र देखने के बाद दूसरे किसान उसका मजाक उड़ाने में लग गये हैं। इस गांव के बुजुर्ग किसान जिलेदार सिंह ने एक वक्त स्टैंट बैंक की भरथना शाखा से फसल के लिए एक लाख रुपये का ऋण लिया हुआ था। कर्ज में डूबे किसान जिलेदार का कहना है, कि सरकार ने तो कुछ किया नहीं, अब हम अपनी खेती बेचकर कर्ज चुकता करेंगे। यह प्रमाण पात्र बुर्जुग किसान जिलेदार के लिए मजाक बन गया।

शाहजहांपुर के किसान का डेढ़ रुपया हुआ माफ
शाहजहांपुर के किसान रामप्रसाद को जब कर्जमाफी का प्रमाणपत्र मिला तो वे उसे देखकर भौचक्के रह गए। क्योंकि बैंक ने जो प्रमाण पत्र रामप्रसाद को दिया, उसमें लिखा था कि उनका डेढ़ रुपये का लोन माफ कर दिया गया है। राम प्रसाद ने डेढ़ रूपये का लोन माफी पर कहा कि सरकार को क्या जरूरत थी हम जैसे गरीब किसानों का मजाक बनाने का। सरकार हमें इतना गिरा हुआ समझती है कि क्या डेढ़ रूपए कर्ज नही जमा कर सकते है। उनका कहना है कि जब वह प्रमाण पत्र लेने शहर आ रहा था तब हमने आगे तक के सपने देख लिए थे कि अब आज के बाद उन्हें कर्ज नहीं देना पड़ेगा। उनका कहना है कि सरकार ने मेरा सिर्फ मजाक बनाया है।












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