बिलावल पर बवाल ! 'भुट्टो का सिर लाने वाले को 2 करोड़ का ईनाम', लखनऊ में ना-पाक बयान पर बिफरे भाजपाई
बिलावल भुट्टो द्वारा दिए गये अमर्यादित बयान के बाद जहाँ एक तरफ लखनऊ में लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दे रहा है तो वहीं भुट्टो’ का सिर धड़ से अलग करने वाले को 2 करोड़ का इनाम देने की घोषणा कर डाली है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टों ने 15 दिसंबर को न्यूयार्क में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर अमर्यादित बयान दिया था। पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर बिलावल भुट्टो द्वारा दिए गये अमर्यादित बयान के बाद बीजेपी के कार्यकताओं ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के सामने जमकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन का यह दौर दिल्ली से निकल कर पूरे देश के अलग अलग हिस्सों में देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में जहाँ एक तरफ लखनऊ में लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दे रहा है तो वहीं उत्तर प्रदेश के बागपत से एक बीजेपी नेता ने तो 'भुट्टो' का सिर धड़ से अलग करने वाले को 2 करोड़ का इनाम देने की घोषणा कर डाली है।

‘भुट्टो' का सिर धड़ से अलग करने वाले को 2 करोड़ - बीजेपी नेता
बिलावल भुट्टों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनज़र बागपत में बीजेपी किसान मोर्चा के जिला महामंत्री व जिला पंचायत सदस्य मनुपाल बंसल ने बड़ा ऐलान किया। बीजेपी नेता ने ऐलान करते हुए कहा की जो बिलावल भुट्टो का सिर कलम करेगा वो उसे अपनी संपत्ति से 2 करोड़ रूपये बतौर ईनाम देंगे। क्योकि पीएम का अपमान देश कतई बर्दाश्त नही करेगा।
ना-पाक बयान पर बिफरे भाजपाई, बिलावल का जलाया पुतला
वही प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अटल चौक पर भी लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। जहां बड़ी संख्या में बीजेपी युवा मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला जलाया।

ना-पाक विदेश मंत्री ने पीएम मोदी को बोला था ‘कसाई'
पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टों द्वारा 15 दिसंबर को न्यूयार्क में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर अमर्यादित बयान दिया था। जिसमे उन्होंने कहा था कि "लादेन तो मारा जा चूका हैं, लेकिन भारत का कसाई अभी तक ज़िंदा हैं जो भारत का प्रधानमंत्री हैं।"
दरअसल भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय मंच पर पोल दी थी। इसी से बोखलाए पाकिस्तानी ऐसी हरकते कर रहे हैं। बता दें कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री भुट्टो द्वारा संयुक्त राष्ट्र में 'कश्मीर टिप्पणी' के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यह निश्चित रूप से सीमा पार आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश पर लागू होता है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंक के साजिशकर्ताओं को सही ठहराने व बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का दुरुपयोग किया जा रहा है। जयशंकर ने कहा कि जिस देश ने अल-कायदा आतंकी ओसामा बिन लादेन की मेजबानी की और पड़ोसी देश की संसद पर हमला किया, उसके पास उपदेश देने का हक नहीं है।"

1971 का दिन भूल गए बिलावल: विदेश मंत्रालय
वहीं विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री 16 दिसंबर 1971 का दिन भूल गए हैं जब पाकिस्तान के 90 हजार से ज्यादा सैनिकों ने भारतीय सेना के आगे सरेंडर किया था। यह पाकिस्तानी शासकों की ओर किए गए बंगाली और हिन्दुओं के नरसंहार का नतीजा था। अल्पसंख्यकों के साथ पाकिस्तान का व्यवहार अभी भी ज्यादा नहीं बदला है। पाकिस्तान अब आतंकवादियों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है। बिलावल भुट्टो को असभ्य बयान इसी का नतीजा है।
बिलावल भुट्टो को अपने देश में मौजूद आतंक के मास्टरमांइड्स को लेकर बयान देने चाहिए। जिन्होंने आतंकवाद को देश की नीति का हिस्सा बना दिया है। पाकिस्तान को अपना नजरिया बदलना होगा।












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