12 साल पहले हुई सिपाहियों की हत्या के मामले में 11 आरोपी बाइज्जत बरी, 4 की सुनवाई के दौरान मौत
उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में 12 साल पहले दो सिपाहियों की हत्या कर सरकारी राइफल लूटने के मामले में कोर्ट ने 11 लोगों को बाइज्जत बरी कर दिया, जबकि एक आरोपी को दोषी माना है। इस हत्याकांड में कुल 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिनमे से 4 लोगों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में एक दरोगा को भी नामजद किया गया था।
दरअसल, पूरा मामला जनपद शामली के थानाभवन क्षेत्र का है। यहां 12 अक्टूबर 2011 को शाम 7:00 बजे मस्त गढ़ पुलिया पर तैनात दो पुलिसकर्मियों, कृष्ण पाल व अमित कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान बदमाशों ने उनसे सरकारी रायफल भी लूट ली थी। जिसके बाद इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

वहीं इस मामले की सुनवाई एडीजे 10 हेमलता त्यागी की कोर्ट में चल रही थी। इस मामले में चार आरोपियों ऋषि पाल, संजीव, धर्मेंद्र और सुमित कैल की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता वकार अहमद ने बताया कि इस मामले में कोर्ट में सुनवाई करते हुए नीटू को दोषी माना है और 11 आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया है।
सबसे खास बात यह है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस के एक दरोगा 'संजय' को भी नामजद किया गया था, क्योंकि दरोगा संजय अपराधी सुमित कैल के मामा का लड़का था। इस मामले की विभागीय जांच में भी दरोगा को क्लीन चिट मिल गई थी। वहीं अब कोर्ट ने भी दरोगा संजय को बरी कर दिया है।












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