MP : शनिश्चरी अमावस्या पर आस्था की डुबकी, नर्मदा और क्षिप्रा तट पर उमड़ा जनसैलाब
ओमकारेश्वर और नर्मदा नदी के घाटों पर भी बड़ी संख्या में भक्त स्नान और पूजन के लिए पहुंचे हैं। मौनी अमावस्या और शनिचरी अमावस्या पर स्नान के साथ ही दान पुण्य का खासा महत्व है।

मौनी अमावस्या और शनिचरी अमावस्या पर भक्तों की बड़ी संख्या मोक्षदायिनी शिप्रा और नर्मदा नदी में स्नान के लिए पहुंची है। यही कारण है कि, धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित शिप्रा तट पर भक्तों की भारी संख्या नजर आ रही है। ओमकारेश्वर और नर्मदा नदी के घाटों पर भी बड़ी संख्या में भक्त स्नान और पूजन के लिए पहुंचे हैं। मौनी अमावस्या और शनिचरी अमावस्या पर स्नान के साथ ही दान पुण्य का खासा महत्व है। यही कारण है कि, बड़ी संख्या में भक्त शिप्रा और नर्मदा नदी के किनारे दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे हैं। साथ ही यहां स्नान करने वाले ही श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या नजर आ रही है।
त्रिवेणी घाट पर की गई व्यवस्था
धार्मिक नगरी उज्जैन त्रिवेणी घाट पर अमावस्या के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के स्नान और पूजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पिछले कई दिनों से यहां लगातार अधिकारी व्यवस्थाओं को लेकर निरीक्षण करते नजर आ रहे थे। बड़ी संख्या में अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे हैं। त्रिवेणी घाट पर श्रद्धालुओं के स्नान को लेकर व्यवस्थाएं की गई है, जहां यहां फव्वारे भी लगाए गए हैं। साथ ही घाट पर स्वच्छता की व्यवस्था बनी रहे इसे लेकर भी कई तरह के बंदोबस्त किए गए है। इंदौर रोड स्थित नवग्रह शनि मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे हैं, जहां श्रद्धालु भगवान शनि देव के दर्शन और पूजन के साथ उनका आशीर्वाद भी ले रहे हैं।
जूते और चप्पल छोड़ गए श्रद्धालु
धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित नवग्रह शनि मंदिर के पास स्थित घाट पर श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में शिप्रा नदी में पुण्य की डुबकी लगाई। शनि मंदिर में श्रद्धालु स्नान के बाद पति के रूप में अपने जूते और चप्पल वहीं छोड़कर जाते हैं। यही कारण है कि, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अबकी बार भी जूते और चप्पलों का ढेर लगा दिया है। घाट पर स्वच्छता बनी रहे इसे लेकर प्रशासन ने घाट पर ही कपड़े, जूते और चप्पल रखने की व्यवस्था बना दी है। प्रशासन ने अब की बार जूता और चप्पल रखने के लिए 6 से ज्यादा स्टैंड का निर्माण किया है। उधर, नर्मदा नदी किनारे स्थित घाटों पर भी इसी तरह की व्यवस्था देखने मिल रही है। कुल मिलाकर देखा जाए तो अमावस्या के पावन पर्व पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में नर्मदा और शिप्रा स्नान के लिए पहुंचे हैं।
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