Ujjain News: उज्जैन के नागदा में संत के साथ मारपीट का मामला, बदमाशों ने निर्वस्त्र कर पीटा
उज्जैन के नागदा में एक संत के साथ 5 सितंबर की शाम को मारपीट की एक गंभीर घटना सामने आई है। बदमाशों ने संत को निर्वस्त्र कर उनकी लंगोट तक निकाल ली और बुरी तरह पीटा।
इस घटना के बाद पीड़ित महंत गोपालदास ने 6 सितंबर को नागदा थाने में दो बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है, जो अभी फरार हैं।

घटना का विवरण
महंत गोपालदास, जो गुना जिले के मुंगावली वार्ड - 1 के निवासी हैं, ने एफआईआर में बताया कि वह 5 सितंबर को द्वारकाधीश के दर्शन के बाद नागदा में त्यागी महाराज के आश्रम जाने का निर्णय लिया। जब वह ट्रेन से नागदा स्टेशन पर उतरे और पैदल आश्रम की ओर बढ़े, तो बीसीआई कॉलोनी के जंगल में दो नशे में धुत लोग उनसे मिले। उन लोगों ने महंत से गायत्री मंत्र सुनाने और अपने पिता का नाम बताने की मांग की।
महंत ने बताया कि उन्होंने उन लोगों से कहा कि वे इतना पढ़ा-लिखा नहीं हैं, लेकिन यह जवाब सुनने के बाद बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। महंत का आरोप है कि बदमाशों ने उन्हें निर्वस्त्र कर उनकी लंगोट तक निकाल ली और बुरी तरह पीटा।
कांग्रेस नेता अरुण यादव की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता अरुण यादव ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने घटना की निंदा की और सरकार से आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
महंत गोपालदास ने एफआईआर में बताया कि वह 5 सितंबर को द्वारकाधीश के दर्शन के बाद नागदा के त्यागी महाराज के आश्रम की ओर बढ़े। रास्ते में बीसीआई कॉलोनी के जंगल में उन्हें शराब के लिए पैसे मांगने वाले दो नशेड़ी मिले। जब महंत ने पैसे देने से इनकार किया, तो बदमाशों ने धमकाया कि पैसे नहीं देने पर वे उन्हें मार डालेंगे। इसके बाद उन्होंने महंत की पिटाई शुरू कर दी और उनके कपड़े तथा लंगोट तक निकाल दी।
महंत ने कहा कि इस पूरी घटना को वहां से गुजर रहे लोग भी देख रहे थे। बदमाशों ने जाते-जाते भी उन्हें धमकाया। घटना के बाद महंत ने आश्रम जाकर त्यागी महाराज को पूरी जानकारी दी। स्थानीय लोगों से पता चला कि आरोपियों के नाम लक्ष्मण शेखावत और विक्की शुक्ला हैं।
कांग्रेस नेता की तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता अरुण यादव ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को निशाने पर लिया है और न्याय की मांग की है। समाज में इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही है, और स्थानीय लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। यह घटना समाज में शांति और सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती है और पुलिस प्रशासन से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग की जा रही है।












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