MP News: आचार संहिता लगते ही शस्त्र लाइसेंस सस्पेंड, इस दिन तक थाने में जमा करने होंगे
उज्जैन में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। जिले में निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण रूप से स्वतंत्र, स्वच्छ, निर्विवध्न एवं शांतिपूर्ण ढंग से संचालित कराने को दृष्टिगत रखते हुए जिला दण्डाधिकारी उज्जैन नीरज कुमार सिंह द्वारा आदेश जारी कर शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत जिले के समस्त शस्त्र लायसेंसधारियों के शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
जारी आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया समाप्त होने तक अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग व उपयोग नहीं करेगा। समस्त शस्त्र अनुज्ञप्तिधारी आदेश जारी होने के 03 दिवस में अपने-अपने शस्त्र सम्बन्धित पुलिस थाने में जमा कराएगें। थाने में शस्त्र जमा करने की स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी शस्त्र अनुज्ञप्तिधारी को शस्त्र जमा करने की पावती प्रदान करेंगे। अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र डीलर के पास शस्त्र जमा करने की स्थिति में डीलर द्वारा शस्त्र जमाकर्ता को शस्त्र जमा करने की रसीद प्रदान की जाएगी, जिसकी छायाप्रति शस्त्र अनुज्ञप्तिधारी द्वारा संबंधित थाने में शस्त्र जमा करने के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत की जाएगी।

सभी अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र डीलर शस्त्र जमा करने वाले अनुज्ञप्तिधारियों की सूची संबंधित थाने एवं इस कार्यालय की शस्त्र शाखा में 07 दिवस में प्रस्तुत करेंगे। निर्वाचन अवधि में अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र विक्रेता किसी को भी अस्त्र-शस्त्र एवं कारतूस का क्रय-विक्रय नहीं करेंगे एवं आदेश जारी होने के दिनांक से अंतिम स्टॉक की जानकारी संबंधित पुलिस थाने एवं इस कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे।
सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक/अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र डीलर्स का प्रति सप्ताह में संयुक्त भौतिक सत्यापन करेंगे। अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा जमा शस्त्र सुरक्षित स्थिति में रखने का दायित्व संबंधित जमाकर्ता का होगा। लोकसभा निर्वाचन 2024 की प्रक्रिया पूर्ण होने एवं आदर्श आचार सहिता समाप्त होने के 15 दिवस पश्चात संबंधित थाना प्रभारी /वैध शस्त्र डीलर जमा शस्त्र को संबंधित अनुज्ञप्तिधारियों को पुनः लौटायेगे।
कानून व्यवस्था के संधारण, निर्वाचन एवं सुरक्षा प्रक्रिया में संलग्न कर्मचारियों जैसे आर्मी, बीएसएफ, एसएएफ, पुलिस, होमगार्ड, केन्द्रीय एवं राज्य के सशस्त्र बल, मान्यता प्राप्त विलय संस्था एवं बैंकों की सुरक्षा में संलग्न लायसेंसधारियों, चुनाव कार्य में संलग्न कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं न्यायिक सेवा के अधिकारीगण अन्तराष्ट्रीय/राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगीता में विगत 3 वर्षों में सहभागीता रही हो वे इस आदेश से मुक्त रहेंगे।
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