Udaipur : मजाक से शुरू हुई लव स्टोरी यूं पहुंची 7 फेरों तक, किसी रोमांटिक फिल्म से कम नहीं पूरी कहानी
उदयपुर। वैलेंटाइन वीक में कई ऐसी प्रेम कहानियां सामने आई हैं, जो किसी रोमांटिक फिल्म से कम नहीं। ऐसी ही स्टोरी राजस्थान की लेकसिटी उदयपुर के आशीष और टीना साहू (मनीषा) की है। इनका इश्क गुड़ से भी मीठा है। इसमें हंसी-मजाक है। कसमें वादे हैं और बेपनाह मोहब्बत भी है।

पूरी कायनात इन्हें मिलाने की कोशिश में लग गई
यूं तो आशीष और टीना की लव स्टोरी की शुरुआत एक मजाक से हुई थी, मगर फिर दोनों ने एक-दूसरे को इतनी शिद्दत से चाहा कि पूरी कायनात इन्हें मिलाने की कोशिश में लग गई। मीडिया से बातचीत में आशीष और टीना बताते हैं कि 8 साल पहले हम दोनों अन्य दोस्तों के साथ ट्यूशन जाते थे। सब हमउम्र ही थे। उसी समय एक दोस्त को शरारत सूझी। उसने आशीष को मजाक में ही बोल दिया कि मनीषा उसे पसंद करती है। इसी तरह मनीषा से भी मजाक कर डाला कि उसे आशीष पसंद करता है।

वो मजाक था सबसे खूबसूरत
जिंदगी के उस सबसे खूबसूरत 'मजाक' से पहले तक दोनों के मन में एक-दूसरे को पसंद करने जैसी कोई बात नहीं था, लेकिन मजाक से दोनों ही अनजान थे। फिर बातें और मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ। दोस्ती प्यार में बदल गई। सबसे खास बात तो यह है कि दोनों का जन्मदिन भी एक ही दिन 13 जून को आता है।

फरवरी 2020 में हुई शादी
कहते हैं ना इश्क और मुश्क छुपाये नहीं छुपते। हमारे साथ भी ऐसा ही हुआ। किसी और से पता लगने की बजाय हमने खुद ही अपने-अपने घर वालों को बता दिया। खुशकिस्मत थे कि वो मान गए। सगाई के करीब 6 साल बाद हमारी शादी हुई। 9 फरवरी 2020 को शादी हो गई।

घरवालों को मजाक में बताया
आशीष बताते हैं कि मजाक से शुरू हुई हमारी लव स्टोरी का घर वालों को मजाक में ही पता चला। दरअसल, हुआ यूं कि टीना ने आशीष से मजाक किया उसके घर वालों को लव स्टोरी का पता चल गया और वे आशीष के घर आकर उसके परिजनों से अपने बेटे को समझाने के लिए बोलेंगे। आशीष अपना प्यार खोना नहीं चाहता था। इसलिए आशीष ने खुद ही अपने घरवालों को दोनों के बारे में सब कुछ बता दिया।

सात साल के अफेयर के बाद शादी
उदयपुर के योगेश और चंद्रकाल सुखवाल की प्रेम कहानी भी गजब की है। तीन साल पहले दोनों ने शादी कर ली। एक बेटी है। दोनों की मोहब्बत स्कूल के जमाने की है। योगेश बताते हैं कि स्कूल की पढ़ाई के दौरान दिल दे बैठे थे। सात साल तक अफेयर रहा। बाद में शादी करने की ठानी। लेकिन घरवाले शादी के लिए आसानी से मानने वाले नहीं थे, ये बात पता थी। तब घरवालों से बिना बताए शादी कर ली। शादी के करीब 5 महीने बाद जब घरवालों ने बुलाया तब घर आए। ऐसे में दोनों के घरवालों को मानने में समय लगा लेकिन अब सभी खुश हैं।

'प्यार' वाले दिन ही शादी
उदयपुर के राजकुमार बारबर और लाड कंवर ने 35 साल पहले शादी करने की ठानी तो मोहब्बत वाला दिन वैलेंटाइन डे चुना। इस दोनों एक-दूसरे के हो गए। शादी की सालगिरह वैलेंटाइन डे पर ही आने पर खुशी दोगुनी हो जाती है। उनके लिए प्रेम का अर्थ एक-दूसरे के प्रति समर्पण भाव और सम्मान भाव है।

आज का प्यार जल्दी शुरू होता है जल्दी खत्म
भंवर सेठ और उनकी पत्नी दिलखुश की शादी करीब 53 साल पहले हुई थी। उन्होंने बताया कि उस जमाने का प्यार कुछ अलग ही था। उस समय लोग ज्यादा हॉनेस्ट और कमिटेड होते थे। जबकि आज का प्यार जितनी जल्दी शुरू होता है, उतनी ही जल्दी खत्म भी हो जाता है। अब शक्ल-सूरत देखकर युवा प्रेम करते हैं जबकि पहले लोग सूरत नहीं सीरत से प्यार किया करते थे। वहीं, पेरेंट्स की मंजूरी भी जरूरी हुआ करती थी। बिना पेरेंट्स की अनुमति के कोई कदम नहीं उठाया जाता था जबकि अब ऐसा नहीं है।












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