सुशांत केस : मुम्बई में बिहार पुलिस कभी BMW पर तो कभी ऑटो रिक्शा पर, ट्विस्ट पर ट्विस्ट से मामला हुआ पेचीदा

मुम्बई में बिहार पुलिस कभी BMW पर तो कभी ऑटो रिक्शा पर, ट्विस्ट पर ट्विस्ट से मामला हुआ पेचीदा

नई दिल्ली। पटना में एफआइआर दर्ज होने के बाद सुशांत केस के घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। कई नये सवालों ने मामले की गुत्थी उलझा दी है। इस मामले की जांच करने मुम्बई गयी पटना पुलिस को मुश्किल हालात में तफ्तीश करनी पड़ रही है। पटना पुलिस की जांच से मुम्बई पुलिस खफा है। इसलिए वह सहयोग नहीं कर रही। मुम्बई पुलिस ने पटना पुलिस को कोई सरकारी वाहन मुहैया नहीं कराय़ा है। पटना पुलिस ने मुम्बई में करीब 10 लोगों के बयान दर्ज किये हैं। इस सिलसिले में उसे कई जगह जाने की जरूरत पड़ी। पटना पुलिस कहीं आने-जाने के लिए कभी सुशांत के दोस्त की गाड़ी इस्तेमाल कर रही है तो कभी मोटरसाइकिल की भी सवारी कर रही है। इस बीच मुम्बई पुलिस ने अपनी जांच रोक दी है। वह यह देख रही है कि पटना पुलिस किन-किन बिन्दुओं पर और कैसे जांच कर रही है। मुम्बई पुलिस ने अभी तक विधु विनोद चोपड़ा, महेश भट्ट समेत 38 लोगों के बयान दर्ज किये हैं। फिलहाल मुम्बई पुलिस ने और पूछताछ करने की योजना मुल्तवी कर दी है। पटना पुलिस की जांच पर कोई कानूनी अड़चन न आ जाए इसलिए बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से दरख्वास्त की है कि बिहार पुलिस की जांच को जारी रहने दिया जाए।

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     कभी BMW तो कभी ऑटो रिक्शा

    कभी BMW तो कभी ऑटो रिक्शा

    पटना पुलिस की चार सदस्यीय टीम मुम्बई में सुशांत केस की जांच कर रही है। इस टीम में दो इंस्पेक्टर और दो सबइंस्पेक्टर हैं। सबसे पहले पटना पुलिस सुशांत के बैंक अकाउंट की जांच करने के लिए बांद्रा स्थित कोटक महिन्द्रा बैंक गयी थी। उस समय उनके साथ मुम्बई पुलिस का कोई मुलाजिम नहीं था। पटना पुलिस ने कोटक महिंद्रा बैंक जाने के लिए सुशांत के एक दोस्त की BMW कार इस्तेमाल की थी। इस पर बवाल हो गया कि जांच करने आयी पुलिस इतनी महंगी गाड़ी कैसे इस्तेमाल कर सकती है ? पुलिस किसी और का ऑब्लिगेशन कैसे ले सकती है ? इन सवालों ने पटना पुलिस को परेशान कर दिया। जब बैंक में जांच पूरी हो गयी तो वह ऑटो रिक्शा में बैठ कर अपने ठिकाने पर लौटी। पटना पुलिस जब अंकिता लोखंडे का बयान दर्ज करने उनके घर गयी तो पटना पुलिस एक फिर वह एक महंगी कार जगुआर में सवार थी। एक तरफ पटना पुलिस महंगी कारों का इस्तेमाल कर रही है तो दूसरी तरफ उसे मोटरसाइकिल से भी फर्राटा भरना पड़ रहा है। पटना पुलिस को जब संवाददातओं ने अंधेरी डीसीपी ऑफिस के पास बाइट लेने के लिए घेरा तो वह वहां से मोटरसाइकिल पर ही निकल पड़ी।

     बिहार बनाम मुम्बई !

    बिहार बनाम मुम्बई !

    बिहार के प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर ने एएनआइ से कहा है कि आमतौर पर किसी राज्य की पुलिस जब दूसरे राज्य में जांच के लिए जाती है तो वह संबंधित राज्य इसमें सहयोग करता है। लेकिन दुर्भाग्य से इस केस में मुम्बई पुलिस, बिहार पुलिस का सहयोग नहीं कर रही। दूसरी तरफ महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री शंभुराज देसाई ने आरोप लगाया है कि बिहार पुलिस प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रही। देसाई के मुताबिक, जब किसी राज्य की पुलिस जांच के सिलसिले में किसी दूसरे प्रांत में जाती है तो उसे कुछ प्रोटोकॉल फॉलो करने पड़ते हैं। लेकिन पटना पुलिस उनका पालन नहीं कर रही। इस आरोप प्रत्यारोप से इस बात की आशंका बढ़ गयी है कि सुशांत मामले की जांच में गतिरोध उत्पन्न होने वाला है। अगर मुम्बई पुलिस जांच में बिहार पुलिस को सहयोग नहीं करेगी तो कई सबूत मिलने से पहले नष्ट हो सकते हैं। कोई क्लू या लीड मिलने पर भी बिहार पुलिस अपनी तफ्तीश को प्लान के मुताबिक मूर्त रूप नहीं दे पाएगी। ऐसे में फिर सुशांत के परिजनों के कैसे मिलेगा इंसाफ ?

     रिया का जवाब

    रिया का जवाब

    पहले सुशांत के परिजनों ने रिया चक्रवर्ती पर आरोप लगाये। अब रिया भी आरोप का जवाब प्रत्यारोप से दे रही है। रिया पर सुशांत के पिता केके सिंह ने तो गंभीर आरोप लगाये ही अब सुशांत की बहन मितू सिंह ने बिहार पुलिस को बहुत कुछ बताया है। मितू के मुताबिक, "रिया की मर्जी के बगैर कोई सुशांत से नहीं मिल सकता था। यहां तक कि जब वह अपने भाई से मिलने उसके फ्लैट पर जाती थी तो उसे नीचे ही बहुत देर तक इंतजार करना पड़ता था। अगर इत्तेफाक से उस वक्त रिया कहीं बाहर होती थी तो यह इंतजार कई घंटों का होता था। उसके आने तक अपार्टमेंट के नीचे ही इंतजार करना होता था। अगर रिया घर में होती वह मुझे लेने के लिए खुद नीचे आती तब जा कर सुशांत के कमरे तक पहुंच पाते। रिया तो सुशांत के साथ रहती ही थी उसकी मां संध्या चक्रवर्ती भी पूरे समय वहीं रहती थीं। हम बहनों में से जब भी कोई सुशांत के पास रहने जाता तो रिया का वर्ताव अच्छा नहीं होता था। ब्लैकमेल के कारण सुशांत सब कुछ देख कर भी मजबूर था।" दूसरी तरफ रिया ने सुशांत के बहनोई और हरियाणा के आइपीएस अधिकारी ओपी सिंह पर झूठा मामला फ्रेम करने का आरोप लगाया है। दरअसल यह आरोप सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी के ईमेल के आधार पर लगाया गया है। सिद्धार्थ क्रिएटिव मैनेजर है। सुशांत उसका रुममेट और दोस्त था। मुम्बई पुलिस उससे पहले भी पूछताछ कर चुकी थी। अब उसने 28 जुलाई को बांद्रा पुलिस को एक ईमेल भेजा है जिसमें सुशांत की बहन और बहनोई पर गंभीर आरोप है। सिद्धार्थ के मुताबिक, "22 जुलाई को उसे कांफ्रेंस कॉल आया। लाइन पर सुशांत के आइपीएस बहनोई ओपी सिंह, बहन मितू सिंह और एक अन्य व्यक्ति थे। माउंट ब्लैंक सोसाइटी में रहने के दौरान सुशांत ने रिया पर कितने पैसे खर्च किये, इसकी जानकारी मांगी गयी। 27 जुलाई को फिर ओपी सिंह का फोन आया। ओपी सिंह ने कहा कि वह बिहार पुलिस को रिया के खिलाफ बयान दे।" तो क्या मुम्बई पुलिस सिद्धार्थ के इस आरोप पर मामले को कोई नया मोड़ देने वाली है ?

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