बेघरों के लिए सूरत के बिल्डर ने दिया अपने फ्लैटों में आसरा, डेढ़ हजार में जब तक चाहें रहें

सूरत। नेकदिली दिखाते हुए गुजरात में सूरत के एक बिल्डर ने जो किया है, उसके लिए आमजन उसे दुआएं देना चाहेंगे। यहां ओलपाड के उमरा में प्रकाश भालाणी नामक बिल्डर ने रुद्राक्ष लेक पैलेस नाम की बड़ी आवासीय इमारत तैयार कराई थी। मगर, कोरोना महामारी के चलते फिलहाल कोई कमरे नहीं ले रहा था। ऐसे में बिल्डर ने तय किया कि, वह अपने फ्लैटों को कोरोना संकट से परेशान लोगों को रहने के लिए देगा। ताज्जुब की बात यह है कि, डेढ़ हजार रुपए चुकाकर आप इन नए फ्लैट्स में जब तक चाहें रह सकते हैं। पानी और वाईफाई की भी बढ़िया सुविधा है।

डेढ़ हजार में जब तक चाहें रहें

डेढ़ हजार में जब तक चाहें रहें

इस तरह अपनी इस नव निर्मित इमारत में प्रकाश भालाणी ने बहुत से जरूरतमंद परिवारों को आश्रय दिया है। भालाणी का कहना है कि, इन बड़े और नए फ्लैट्स का कोई किराया नहीं ​लिए। हां, रखरखाव की राशि के रूप में केवल 1,500 रुपये ले रहे हैं। वे लोग जो भवनों में किराए का भुगतान करने में असमर्थ हैं, उन्हें इससे बड़ी राहत मिलेगी। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति डेढ़ हजार रुपए में जब तक चाहें रह सकते हैं।

इसलिए लोगों को बिना किराया दे रहे फ्लैट

इसलिए लोगों को बिना किराया दे रहे फ्लैट

भालाणी का कहना ​​है कि मौजूदा संकट के बीच जरूरतमंदों की मदद करके समाज को अच्छा संदेश देने का मौका है। हम देख रहे हैं कि, महामारी के इस दौर में हर ओर त्राहि-त्राहि मची हुई है। लोगों की नौकरियां जा रही हैं। जिनकी नौकरी बची है, उन्हें छंटनी का खौफ सता रहा है। जो लोग महंगे फ्लैट्स लेकर रह रहे थे, वो भी नहीं टिक पाए। काफी लोग बिना घरों के हो गए। ऐसे में हमने रुद्राक्ष लेक पैलेस नाम की अपनी निर्मित इमारत में जरूरतमंद कई परिवारों को आश्रय दिया है।

फ्लैट लेकर क्या कहा ग्राहक ने?

फ्लैट लेकर क्या कहा ग्राहक ने?

भालाणी के फ्लैट लेने वाली एक महिला आशा निमावत बोलीं, "मेरे पति का व्यवसाय अच्छा नहीं चल रहा था। इसलिए हम अपना किराया नहीं दे पा रहे थे। हमारे मकान मालिक ने हमें घर छोड़ने के लिए कहा। बाद में, हम अपने गाँव के लिए निकल रहे थे और इस बीच, हमने रुद्राक्ष लेक पैलेस का एक विज्ञापन देखा। तब हमने इसके बिल्डर से संपर्क किया। फिर बहुत खुशी हुई कि, हमें 1,500 रुपये रखरखाव की लागत के साथ यहां रहने के लिए आमंत्रित किया गया है। हम जब तक चाहें तब तक यहां रहने की अनुमति है। हम वास्तव में खुश हैं। ये बिल्डर तो हमारे लिए भगवान की तरह है।"

फ्लैट खाली कराने की कोई समय सीमा नहीं

फ्लैट खाली कराने की कोई समय सीमा नहीं

भालाणी ने कहा, "हमारे यहां सबसे अच्छी बात यह है कि, यहां आने वाले लोग जब तक चाहें, यहां रह सकते हैं। उनके पास फ्लैट खाली करने की कोई समय सीमा नहीं है। क्योंकि, हम इस विपदा को समझ रहे हैं। लॉकडाउन के ठीक बाद, अनलॉक-1 के दौरान, लोग जबकि लगातार अपना सबकुछ गंवा रहे थे। कईयों के पास काम नहीं रह गया था। उनके व्यवसाय प्रभावित हुए थे। वे अभी भी अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बहुत से लोग किराया देने में सक्षम नहीं हैं। तब हमने यह सुविधा दी है। जो कि, लोगों को पसंद आई है।"

सोशल मीडिया पर विज्ञापन देख-देखकर पहुंचे लोग

सोशल मीडिया पर विज्ञापन देख-देखकर पहुंचे लोग

उन्होंने कहा, "सूरत शहर के एक निवासी ने मुझे अपना सामान रखने के लिए एक कमरा देने का अनुरोध किया, क्योंकि वह अपने गांव में जा रहा था। मैंने उसे एक कमरा दिया और सोचा कि उसके जैसे बहुत से लोगों को आश्रय की जरूरत है।"
बाद में, बिल्डर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फ्लैट्स के बारे में प्रचार किया। जिसके बाद काफी लोग आश्रय की तलाश में उसके पास पहुंचे।

आखिर क्यों ले रहे हैं डेढ़ हजार रु.

आखिर क्यों ले रहे हैं डेढ़ हजार रु.

भालाणी कहते हैं, "यह सच है कि हम 1,500 रुपये लेते हैं। लेकिन ये केवल रखरखाव राशि के रूप में लिया, जिसमें उन्हें वाईफाई और पानी की सुविधा भी मिल रही है। हम कोई किराया नहीं लेते हैं। 42 फ्लैट्स में लोग यहां रह रहे हैं और लोग अभी भी आ रहे हैं। हमारे पास यहां कुल 92 फ्लैट हैं और बचे हुए फ्लैट भी लोगों को जरूरत के हिसाब से दिए जाएंगे। फिर वे जब तक चाहें, यहां रह सकते हैं।"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+