हिंसा से डांवाडोल हुई घाटी की आर्थिक स्थिति, अब तक 6,700 करोड़ रुपए का नुकसान
श्रीनगर। बीते 49 दिनों से हिंसा और कर्फ्यू की आग में झुलस रही कश्मीर घाटी की आर्थिक स्थिति भी डांवाडोल होने लगी है। अलगाववाद की आग में जल रही कश्मीर घाटी के सारे व्यवसाय चौपट हो चुके हैं।

अलगाववादियों के विरोध प्रदर्शन के कारण दुकानें,प्राइवेट ऑफिस,पेट्रोल पंप और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं।
6,400 करोड़ रुपए का नुकसान
कश्मीर ट्रेडर्स एंड मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोह्ममद यासीन खान के अनुसार कश्मीर हर रोज 135 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रहा है। अब तक 6,400 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।
खान ने कहा कि ये आंकड़े 6 महीने हुए व्यवसाय के आंकड़ो पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारी समुदाय चाहता है कि कश्मीर का मुद्दा हमेशा के लिए हल हो जाए।
सरकार को भी हुई भारी हानि
ऐसा नहीं है कि नुकसान सिर्फ निजी व्यापारियों को हुआ है बल्कि राज्य सरकार को भी काफी वित्तीय हानि हुई है। वित्त विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक बीते डेढ़ माह में 300 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है
अगर सरकार और निजी व्यापारियों के नुकसान को जोड़ें तो यह नुकसान करीब 6,700 करोड़ रुपए तक का है।
बताया गया कि जब से हिंसा शुरू हुई है तब से लेवी और कर संचय में भारी कमी आई है। गौरतलब है कि कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर मुख्यतः टिकी है, वो भी एकदम थम गई है।
खाली हैं होटल और हाउसबोट
पर्यटन के व्यवसाय से जुड़े व्यक्ति ने बताया कि हाउसबोट और होटल खाली हैं। विख्यात टूरिस्ट जगहें भी उजड़े हुए हैं।
पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि हम क्या कर सकते हैं? विभाग असहाय है। हम बाहर जाकर लोगों से घाटी में आने के लिए नहीं कह सकते।
उन्होंने कहा कि जब तक यह मुद्दा हल नहीं हो जाएगा तब तक पर्यटन के यही हालात बने रहेंगे।
अब तक 66 की मौत
गौरतलब है कि 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मारे जाने के बाद से ही कश्मीर अशांत है।
प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबलों की झड़प में अब तक 66 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग घायल हैं।












Click it and Unblock the Notifications