बजरंग और विनेश को ट्रायल में छूट की मांग के लिए किसने उकसाया? साक्षी मलिक के बयान से आया भूचाल
Sakshi Malik: रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ धरने पर बैठे रेसलर्स में साक्षी मलिक भी थीं। साक्षी मलिक ने उस धरने से जुड़ी चीजों को लेकर कई बड़े खुलासे किये हैं। एशियाई खेलों में बजरंग और विनेश को ट्रायल में मिली छूट का जिक्र भी किया गया।
प्रोटेस्ट में उस समय अहम मोड़ आ गया जब प्लेयर्स ने ट्रायल्स में छूट देने की मांग की थी। इससे लोगों ने समझा कि पहलवान खुद के स्वार्थ के लिए धरना दे रहे हैं। उनका वास्तविक मांगों से कोई लेना-देना नहीं है। मलिक ने कहा कि बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट ने यह ठीक नहीं किया था।

साक्षी के जीवन से जुड़ी एक किताब में सब बातों का उल्लेख किया गया है। इस मामले को लेकर साक्षी का कहना है कि बजरंग और विनेश के (ट्रायल में) छूट लेने के निर्णय से कुछ भी अच्छा नहीं हुआ। उनके निर्णय ने हमारे प्रोटेस्ट की छवि को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। इससे लोगों ने सोचा कि प्रोटेस्ट पहलवानों के निजी स्वार्थ के लिए हो रहा है।
मलिक ने कहा कि बजरंग और विनेश के करीबी लोगों ने उनके दिमाग में लालच भरना शुरू दिया। इसके बाद दोनों ट्रायल्स में छूट देने की मांग करने लगे थे। इसके बाद ही काफी समर्थकों ने इस प्रोटेस्ट को गलत समझना शुरू कर दिया और स्वार्थ के लिए किया गया कार्य माना। दीपेन्द्र हुड्डा और कांग्रेस के कई लोग उस समय बजरंग और विनेश के साथ दिखा करते थे। साक्षी का इशारा उधर भी हो सकता है।
विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक के फाइनल मैच में 100 ग्राम ज्यादा वजन होने की वजह से बाहर कर दिया गया था। इसे लेकर साक्षी ने माना कि वजन ज्यादा होने पर वहां खेलने की अनुमति नहीं होती है क्योंकि यही नियमों में होता है। अगर 10 ग्राम वजन भी ज्यादा है, तब भी नहीं खेलने दिया जाता। 100 ग्राम वजन कम करना काफी मुश्किल काम होता है।












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