टूटा हुआ हाथ और आंखों में आंसू लेकर शेरनी की तरह लड़ती रहीं निशा दहिया, लीड लेकर भी मिली हार तो टूटा दिल
Nisha Dahiya Wrestling Highlights: भारत की निशा दहिया ने पेरिस ओलंपिक में महिलाओं की 68 किलोग्राम कुश्ती में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने राउंड ऑफ 16 में यूक्रेन की टेटियाना रिज्को को हराया। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में उत्तर कोरिया की सोल गम पाक ने 10-8 से जीत दर्ज करके उनका सफर समाप्त कर दिया। इस हार ने निशा को सेमीफाइनल में आगे बढ़ने से रोक दिया।
दमदार शुरुआत के बाद मिली हार
निशा ने सोल गम पाक के खिलाफ अपने मैच की शुरुआत दमदार प्रदर्शन के साथ की। शुरुआत में ही 4 अंक हासिल कर लिए। उनका दबदबा दूसरे राउंड में भी जारी रहा, जहां उन्होंने 4 अंक और जोड़े, जिससे उनके कुल अंक 8 हो गए। इस स्तर पर सोल गम पाक केवल 6 अंक ही हासिल कर पाया था। इस बढ़त के बावजूद तीसरे राउंड में निशा की किस्मत बदल गई।

अंतिम क्षणों में बदला खेल
तीसरे राउंड के दौरान निशा को अपने दाहिने हाथ में दर्द महसूस हुआ और वह काफी परेशान थी। फिजियो द्वारा जांच के बाद उनका प्रदर्शन खराब हो गया। इस बदलाव ने सोल गम पाक को निशा से आगे निकलने का मौका दिया। घड़ी में केवल 13 सेकंड बचे थे, दोनों पहलवान 8-8 से बराबरी पर थे। उन अंतिम क्षणों में सोल गम पाक ने 2 महत्वपूर्ण अंक हासिल किए, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हुई और निशा की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गईं।
शेरनी की तरह लड़ती रहीं निशा दहिया
एक समय निशा 8-1 से आगे चल रही थीं, लेकिन दूसरे हाफ में वो दर्द से कराहती हुई दिखीं। निशा टूटे हुए हाथ के बावजूद हार मानने को तैयार नहीं थीं और दर्द में रहकर भी उन्होंने कुश्ती खेलना जारी रखा। निशा की इस बहादुरी को फैंस भी सलाम कर रहे हैं।
पेरिस ओलंपिक में निशा के प्रदर्शन ने सेमीफाइनल तक न पहुंच पाने के बावजूद उनकी क्षमता और जुझारूपन को दर्शाया। उनके इस सफर में जीत और दिल टूटने दोनों का ही समावेश था। पेरिस ओलंपिक दुनिया भर के एथलीटों के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन रहा है, जिसमें कई खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।












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