भारत के लिए सर्वाधिक मुकाबले खेलने वाली प्लेयर का संन्यास, जानिए रिटायरमेंट पर क्या कहा
भारतीय महिला हॉकी टीम की दिग्गज खिलाड़ी वंदना कटारिया ने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी। 2009 में अपने पदार्पण से लेकर अब तक के शानदार करियर के साथ कटारिया ने राष्ट्रीय टीम की उपलब्धियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें टोक्यो ओलंपिक 2020 में उल्लेखनीय प्रदर्शन भी शामिल है, जहाँ भारत चौथे स्थान पर रहा।
अपने 15 साल के करियर में कटारिया ने 320 इंटरनेशनल मुकाबले खेले थे इस दौरान उनकी स्टिक से 158 गोल भी देखने को मिले। सबसे खास बात यह है कि वह भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सर्वाधिक मुकाबले खेलने वाली महिला प्लेयर हैं।

उन्होंने दो ओलंपिक खेल (रियो 2016, टोक्यो 2020), दो FIH हॉकी महिला विश्व कप (2018, 2022), तीन राष्ट्रमंडल खेल (2014, 2018, 2022) और तीन एशियाई गेम्स में हिस्सा लिया। इसके अलावा कटारिया का महत्वपूर्ण योगदान भारत को महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (2016, 2023) और FIH हॉकी महिला राष्ट्र कप (2022) में स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण रहा।
संन्यास को लेकर उका कहना था कि यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन मुझे पता है कि यह सही समय है। हॉकी मेरे जीवन का हिस्सा रही है, और भारतीय जर्सी पहनना सबसे बड़ा सम्मान था। लेकिन हर यात्रा का अपना रास्ता होता है और मैं इस खेल के लिए अपार गर्व, कृतज्ञता और प्रेम के साथ जा रही हूँ। भारतीय हॉकी अच्छे हाथों में है, और मैं हमेशा इसकी सबसे बड़ी समर्थक रहूँगी।
उन्होंने हॉकी के सफर में साथ देने वाले तमाम लोगों का शुक्रिया अदा किया। वंदना ने कहा कि मैं अपने कोच, सहयोगी स्टाफ, हॉकी इंडिया, अपने परिवार और उन सभी फैन्स का धन्यवाद देना चाहती हूँ, जिन्होंने वर्षों से मेरा साथ दिया है। कटारिया का संन्यास एक युग के अंत का प्रतीक है लेकिन हर प्लेयर को एक दिन जाना ही होता है। उसके बाद कुछ नए लोग आते हैं और गेम चलता चलता है।












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