Video: ठुकराई करोड़ों की शोहरत! अब प्रेमानंद महाराज के आश्रम में झाड़ू लगाते दिखे रिंकू सिंह!
पूर्व WWE सुपरस्टार और बेसबॉल की दुनिया में तहलका मचाने वाले रिंकू सिंह (Rinku Singh) का जीवन एक खुला अध्याय है जो बताता है कि शोहरत और धन से बड़ी चीज है मन की शांति। रिंकू सिंह ने भले ही बहुत पहले से ही अध्यात्म का मार्ग चुन लिया था और वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम में नियमित रूप से 'सेवा' कर रहे हैं, लेकिन उनका एक नया वीडियो एक बार फिर जबरदस्त वायरल हो गया है।
वायरल हुए इस शॉर्ट वीडियो में रिंकू सिंह को आश्रम में झाड़ू लगाते हुए देखा जा सकता है। यह दृश्य उनके पुराने 'वीर महान' (Veer Mahaan) के रौद्र रूप के विपरीत, शांति और समर्पण का प्रतीक है।

रिंकू सिंह पारंपरिक भारतीय पोशाक पहने हुए हैं और माथे पर तिलक लगा है। उनके चेहरे पर किसी WWE फाइट की आक्रामकता नहीं, बल्कि शांति और संयम (calm and composed) दिखाई देता है।
वीडियो के वायरल होने की वजह?
यह वीडियो इस बात का प्रमाण है कि करोड़ों की शोहरत के बावजूद, रिंकू सिंह ने 'सेवा' के मार्ग को त्यागा नहीं है, बल्कि उसे अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बना लिया है।
करोड़ों का करियर बनाम सेवा
रिंकू सिंह की यह कहानी असाधारण है। वह पहले बेसबॉल की मेजर लीग बेस बॉल (MLB) खेलने वाले पहले भारतीय बने। इसके बाद, उन्होंने WWE रेसलिंग में भी अपनी छाप छोड़ी।
इतनी बड़ी सफलता और पैसा कमाने के बाद उनका प्रेमानंद महाराज के आश्रम में निरंतर सेवा करना यह साबित करता है कि उनका यह फैसला क्षणिक नहीं, बल्कि जीवन की एक स्थायी और गहरी प्रतिबद्धता है। यही वजह है कि जब भी उनका कोई नया वीडियो सामने आता है, तो वह एक बार फिर से लोगों को प्रेरणा देता है और तेजी से वायरल हो जाता है।
रिंकू सिंह के परिवार में कौन-कौन है?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिंकू सिंह का पूरा नाम रिंकू सिंह राजपूत है और उनका जन्म 8 अगस्त 1988 को उत्तर प्रदेश के भदोही ज़िले के होलपुर गांव में हुआ था। वह नौ भाई-बहनों के बड़े परिवार में पले-बढ़े और उनके पिता ड्राइवर का काम करते थे। स्कूल के दिनों से ही रिंकू को खेलों का बहुत शौक था और वह कई गेम खेलते थे। वह जूनियर नेशनल लेवल पर जेवलिन थ्रो में मेडल जीतने वाले खिलाड़ी भी थे।












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