IPL 2023: यशस्वी को बुमराह की तरह सही समय पर मिले मौका

Yashasvi Jaiswal: यशस्वी ने इस साल 14 मैचों में 625 रन बनाये हैं जिनमें एक शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने केवल 13 गेंदों पर अर्धशतक बनाकर आईपीएल की फास्टेस्ट फिफ्टी भी लगायी है।

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IPL 2023: आईपीएल में राजस्थान के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अपनी आकर्षक बैटिंग से धूम मचा दी है। फिलहाल वे आईपीएल इतिहास के सर्वश्रेष्ठ अनकैप्ड बल्लेबाज बन गये हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के शॉन मार्श के 15 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ कर एक सीजन में सर्वाधिक रन (अनकैप्ड) बनाने का कीर्तिमान रचा है।

यशस्वी ने इस साल 14 मैचों में 625 रन बनाये हैं जिनमें एक शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने केवल 13 गेंदों पर अर्धशतक बनाकर आईपीएल की फास्टेस्ट फिफ्टी भी लगायी है। अगर राजस्थान की टीम प्लेऑफ मे पहुंच गयी तो यशस्वी के रनों का आंकड़ा और आगे बढ़ सकता है। क्रिकेट के जानकार यशस्वी को भविष्य का सुपरस्टार मान रहे हैं। कुछ विशेषज्ञ तो उन्हें एकदिवसीय विश्वकप का संभावित खिलाड़ी भी मान रहे हैं।

IPL से निकले कई मैच विजेता खिलाड़ी
IPL ने भारत को कई मैच विजेता खिलाड़ी दिये हैं। इनमें जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या प्रमुख हैं। क्या इस कड़ी में अब यशस्वी जायसवाल का भी नाम जुड़ेगा? आईपीएल की खोज जसप्रीत बुमराह नित नयी ऊंचाइयों को छूते हुए एक दिन भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान भी बने। उसी तरह आइपीएल की कामयाबी के बाद हार्दिक पांड्या अब भारत की टी-20 टीम के कप्तान बन चुके हैं।

आईपीएल ही वह मंच था जहां दुनिया ने पहली बार जसप्रीत बुमराह के टैलेंट की झलक देखी थी। बुमराह ने आईपीएल के अपने पहले मैच में ही तेज गेंदबाजी की छाप छोड़ दी थी। उनका अनोखा एक्शन बल्लेबाजों के लिए पहेली बन गया था। उन्होंने विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज को अपना पहला शिकार बनाया था।

बुमराह ने कोहली को फंसाकर लिया पहला IPL विकेट
आईपीएल एक ऐसी प्रतियोगिता है जहां किसी खिलाड़ी को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का मौका मिलता है। जसप्रीत बुमराह की उम्र उस समय सिर्फ 19 साल थी, लेकिन उन्होंने विराट कोहली को आउट करने के लिए जबर्दस्त जाल बिछाया था। बुमराह ने 4 अप्रैल 2013 को मुम्बई इंडियंस की तरफ से रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ आइपीएल डेब्यू किया था।

मुम्बई के कप्तान ने उन्हें मैच के चौथे ओवर में गेंदबाजी के लिए बुलाया। स्ट्राइक विराट कोहली के पास थी। बुमराह ने पहली तीन गेंदें आफ स्टप के बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ डालीं। कोहली को शॉट खेलने के लिए पर्याप्त जगह मिली और उन्होंने लगातार तीन चौके जड़ दिये। ये बुमराह की चाल थी।

वे पहला ही आइपीएल मैच खेल रहे थे और विराट कोहली जैसे बड़े बल्लेबाज को गेंद डाल रहे थे। लेकिन इस दवाब में भी उनका दिमाग तेजी से काम कर रहा था। जब विराट कोहली को लगा कि ये तो साधारण गेंदबाजी हो रही है तभी बुमराह ने जाल फेंक दिया।

उन्होंने बॉलिंग क्रीज की चौड़ाई का इस्तेमाल किया और बिल्कुल कोने से एक तेज इनस्विंगर डाली। गेंद कोहली के छकाते हुए उनके पैड से जा टकरायी और वे एलबीडब्ल्यू आउट हो गये। इस तरह बुमराह ने कोहली को फंसाकर अपना पहला आईपीएल विकेट लिया था। इस मैच में बुमराह ने मयंक अग्रवाल और करुण नायर का भी विकेट लिया था।

बुमराह की तरह यशस्वी को भी समय पर मौका मिले
बुमराह ने 2013 के आईपीएल में केवल दो ही मैच खेले थे। फिर उन्होंने अगले दो सीजन में 15 मैच ही खेले लेकिन अपनी तेज गेंदबाजी से बल्लेबाजों में दहशत पैदा कर दी। इसका नतीजा ये हुआ कि जनवरी 2016 में उनका भारत की वनडे और टी-20 टीम में सेलेक्शन हो गया। जिस तरह बुमराह ने आइपीएल 2013 में अपनी चमक बिखेरी थी उसी तरह यशस्वी जायसवाल ने मौजूदा सीजन में अपनी बल्लेबाजी से चकाचौंध पैदा कर दी है।

बुमराह को सही समय पर भारतीय टीम में प्रवेश मिल गया था जिसकी वजह से वे सफल तेज गेंदबाज बने। उसी तरह यशस्वी जायसवाल को भी भारतीय टीम में मौका देने के लिए यही उपयुक्त समय है। उनकी उम्र अभी केवल 21 साल है और वे दुनिया के नामी गेंदबाजों का न केवल दिलेरी से सामना कर रहे हैं बल्कि रन भी बना रहे हैं।

यशस्वी की बल्लेबाजी प्रतिभा क्रिकेट के तीन फॉर्मेट के अनुकूल है। वे तेजी से रन बनाने की क्षमता तो रखते ही है उनकी तकनीक टेस्ट मैचों के लिए भी उपयुक्त है। अगर कोई बल्लेबाज टी-20 में क्रिकेटिंग शॉट से रन बना रहा है तो यह उसकी विशिष्ट प्रतिभा है। यशस्वी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू के लिए बिल्कुल तैयार हैं, बस उन्हें मौका देने की जरूरत है।

न केवल मौका बल्कि भरोसा भी चाहिए
किसी उभरते हुए खिलाड़ी को सही समय पर मौका देने के साथ-साथ उस पर भरोसा रखने की भी जरूरत है। वर्ना कोई युवा खिलाड़ी रास्ता भटक सकता है। जैसे चेन्नई के ऋतुराज गायकवाड़ ने आईपीएल 2021 में सबसे अधिक 635 रन बनाये थे। इसका उन्हें इनाम मिला और जुलाई 2021 में उनका भारत की टी-20 टीम में चयन हो गया। श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने टी-20 डेब्यू किया। पहले मैच में 18 गेंदों पर 21 रन बनाये, लेकिन इसके बाद उनकी भारतीय टीम में जगह पक्की नहीं रही। दो साल में केवल 9 टी-20 मैच ही खेल पाये।

एकदिवसीय मैच में भी उन्हें केवल एक बार ही मौका दिया गया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इस वनडे में वे नम्बर तीन पर बैटिंग के लिए आये थे और 19 रन बनाये थे। जाहिर है ऋतुराज गायकवाड़ को पर्याप्त मौका नहीं मिला। वही ऋतुराज 2023 में भी चेन्नई की बल्लेबाजी की जान बने हुए हैं। उन्होंने अभी तक 14 मैचों में 504 रन बनाये हैं।

कहने का मतलब ये है कि अगर यशस्वी जायसवाल को भारतीय टीम में मौका मिले तो उनका कुछ मैचों तक समर्थन जरूर किया जाय ताकि वे खुद को स्थापित कर सकें।

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