जब नहीं मिल रहा था टीम में मौका, क्या सोच रहे थे, खुद मोहम्मद शमी ने बताया
इस विश्वकप में न्यूजीलैंड के खिलाफ मोहम्मद शमी को पहला मैच खेलने का मौका मिला। इस मौके को शमी ने दोनों हाथ से लपका और मैच में 5 विकेट अपने नाम कर लिया।
एक वक्त जब लग रहा था कि न्यूजीलैंड की टीम 300 रन के स्कोर को पार कर सकती है तो उस वक्त शमी की धारदार गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज पस्त नजर आए और पूरी टीम सिर्फ 273 रन ही बना सकी। मैच में मोहम्मद शमी ने 5 विकेट अपने नाम किए और मैन ऑफ द मैच का खिताब भी अपने नाम किया।

मोहम्मद शमी ने कहा कि जहां तक विकेटों की बात है तो आप मेहनत करते रहिए, देने वाला तो ऊपरवाला बैठा है। अच्छी नीयत से जब आप मेहनत करोगे तो आपको रिजल्ट जरूर मिलेगा। जहां तक आउटफील्ड की बात है तो शिकायत किसी बात की नहीं है क्योंकि यह दोनों ही टीमों के लिए एक जैसी थी। ग्राउंड्समैन को कुछ नहीं बोल सकते हैं, उसकी भी मजबूरी है, हम किसी पर सवाल नहीं खड़ा कर सकते हैं।
बहुत जरूरी होता है कि आप अपने दूसरे पार्टनर, तीसरे पार्टनर का साथ दें, हम यूनिट में गेंदबाजी करें। हम अच्छा पैकेज हैं। हम विश्वकप का मजा ले रहे हैं, दूसरे की सफलता का जश्न मनाते हैं तो अच्छा लगता है। कोच लोगों को भी मनाकर रखना जरूरी होता है। कोच और सीनियर्स के साथ जब आप मजा करते हैं तो अच्छे रिजल्ट आते रहते हैं।
जिस तरह से विश्वकप के पिछले 4 मुकाबलों में शमी को मौका नहीं मिला उसपर उन्होंने कहा कि मैं बेंच पर देख रहा था मैच, लेकिन जब मौका मिलेगा तभी तो कुछ करूंगा। बहुत जरूरी होता है कि जब आप नहीं खेल रहे होते हैं तो मुश्किल होता है।
लेकिन जब आपकी टीम अच्छा कर रही है, जीत रही है तो मुझे नहीं लगता है कि किसी तरह का अफसोस होना चाहिए। आप भी विश्वकप टीम का हिस्सा हैं। हर किसी की सफलता का लुत्फ लेना चाहिए।
भारत में सबसे बड़ी जगह यही है कि आप टीम में हैं। आपके पास 15 खिलाड़ी हैं, चार खिलाड़ियों को हमेशा ही बाहर बैठना है। हमेशा पॉजिटिव रहना चाहिए। मैं यही सोचता हूं कि आज नही खेल रहा हूं तो कल खेलूंगा, कल नहीं तो परसो खेलूंगा।
जब भी मौका मिले तो परफॉर्म करना होता है। मैं इस तरह से सोचता हूं कि अभी जो परफॉर्म कर रहे हैं उनके साथ खड़े रहना, उनकी सफलता का लुत्फ लेना चाहिए।












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