शिवम दुबे बनाम हर्षित राणा, आंकड़ों में जमीन-आसमान का फर्क, जानिए कैसे पुणे में इंग्लैंड के साथ हुआ धोखा
Shivam Dube vs Harshit Rana: भारत और इंग्लैंड के बीच पुणे में खेले गए चौथे टी20 मैच में भारतीय टीम को जीत दर्ज करने का मौका मिल गया। टीम इंडिया ने इस मुकाबले में 15 रनों से जीत दर्ज करते हुए सीरीज में 3-1 की विजयी बढ़त हासिल कर ली। अब अंतिम मुकाबला बचा है।
मुकाबले में भारतीय पारी के बाद गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव की तरफ से एक अजीब फैसला देखने को मिला। शिवम दुबे को अंतिम ओवर में बैटिंग के दौरान सिर में गेंद लगी थी। इसके बाद पारी समाप्त हुई और हर्षित राणा को मैदान पर भेजा गया और उन्होंने 3 विकेट झटककर इंग्लैंड को पटक दिया।

शिवम दुबे को सिर में चोट लगी थी, इस वजह से कॉन्कशन सब्सटीट्यूट के तौर पर हर्षित राणा को भेजा गया। यहाँ नियम यह कहता है कि चोटिल खिलाड़ी के बराबरी का खिलाड़ी ही मैदान पर उतारा जाना चाहिए लेकिन राणा के मामले में ऐसा तो नहीं था।
Shivam दुबे की स्पीड कम
शिवम दुबे बैटिंग ऑल राउंडर की हैसियत से खेलते हैं और गेंदबाजी में 125 से 130 की स्पीड तक जाते हैं। हर्षित राणा के साथ ऐसा नहीं है। वह 142 की स्पीड से गेंदबाजी कर रहे थे। ऐसे में दुबे और राणा के बीच गेंदबाजी में तो कोई समानता नज़र नहीं आती है।
Shivam Dube बैटिंग में बेहतर
अब बैटिंग फ्रंट पर बात करते हैं, तो दुबे ने टी20 इंटरनेशनल में 34 मैचों में 137 के स्ट्राइक रेट से 501 रन बनाए हैं। दूसरी तरफ हर्षित राणा पहली बार खेलने के लिए आए थे। इससे पहले वह इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ टेस्ट खेले हैं, वहां भी उनको बतौर विशुद्ध गेंदबाज टीम में लाया गया था। दुबे के नाम 11 इंटरनेशनल विकेट भी हैं।
हर्षित राणा के सिर्फ 2 रन
हर्षित राणा के आईपीएल और अन्य मैचों के आंकड़े देखने पर सामने आता है कि उन्होंने 26 मैचों में 2 रन बनाए हैं और 31 विकेट झटके हैं। अब इन आंकड़ों देखकर कौन कह सकता है कि लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट हुआ है। आंकड़े तो कहीं से भी दोनों के बीच समानता प्रदर्शित नहीं करते हैं।
जोस बटलर ने उठाया मुद्दा
इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने भी मैच के बड़ा कहा था कि दोनों प्लेयर्स के बीच समानता नहीं थी। हमसे इस बारे में पूचा भी नहीं गया था। दुबे 125 से गेंदबाजी करते हैं और हर्षित राणा 140 से ऊपर करते हैं। बटलर ने भी इस फैसले पर सवाल उठा दिया था।
आईपीएल वाला गेम हो गया
आईपीएल में जिस तरह इम्पैक्ट प्लेयर का इस्तेमाल होता है, उसकी आदत गौतम गंभीर को है और उसी तरह उन्होंने यहाँ हर्षित राणा को इस्तेमाल कर दिया। अगर दुबे के सिर अंतिम ओवर के दौरान गेंद नहीं लगती, तो मामला यहाँ तक नहीं आता। गौतम गंभीर ने आपदा में अवसर देखने जैसा काम कर दिया।












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