'गोरों से भारत की तरक्की बर्दाश्त नहीं होती', वीरेंद्र सहवाग ने हिंडनबर्ग मामले में किया गौतम अडानी का समर्थन
वीरेंद्र सहवाग ने हिंडनबर्ग रिसर्च मामले में गौतम अडानी का समर्थन करते हुए अमेरिकी कंपनी पर निशाना साधा है। सहवाग ने कहा है कि इन गोरों से भारत की तरक्की देखी नहीं जाती।

हिंडनबर्ग रिसर्च मामले को लेकर भारत में इन दिनों घमासान मचा हुआ है। यह मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रूप ले चुका है। तमाम राजनीतिक दल इस मामले को लेकर अब मोदी सरकार को घेर रहे हैं, लेकिन इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सहवाग ने सोमवार को एक ट्वीट कर गौतम अडानी का समर्थन करते हुए हिंडनबर्ग रिसर्च कंपनी पर हमला बोला है। सहवाग ने हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को एक 'विदेशी साजिश' करार दिया है।
क्या कहा सहवाग ने?
वीरेंद्र सहवाग ने अपने ट्वीट में कहा है, "गोरों से इंडिया की तरक्की बर्दाश्त नहीं होती है। इंडियन मार्केट का इस तरह से गिरना बड़ी चतुराई से प्लांड कॉन्सपिरेसी लगती है। कोशिश कितनी भी कर लें, लेकिन हमेशा की तरह भारत और मजबूत ही होकर उभरेगा।" सहवाग का यह ट्वीट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। सहवाग के सपोर्टर उनकी इस बात से सहमत नजर आ रहे हैं। वहीं कुछ लोग सहवाग की इस बात से सहमत भी नहीं हैं।
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि यह मामला बीत कुछ दिनों के अंदर बहुत ज्यादा उछला है। हिंडनबर्ग रिसर्च एक अमेरिकी कंपनी है, जिसने कुछ दिन पहले एक रिपोर्ट जारी कर भारत के बिजनेस टाइटल गौतम अडानी पर स्टॉक एक्सचेंज में शेयरों के साथ छेड़छाड़ कराने का आरोप लगाया था। 24 जनवरी को अडानी ग्रुप के शेयर्स में भारी गिरावट आई थी। गौतम अडानी ग्रुप का नेटवर्थ भी बहुत तेजी से गिरा है तो उनकी इंटरनेशनल मार्केट में छवि भी खराब हुई है। वह एक 20 हजार करोड़ का FPO ला रहे थे, लेकिन इस विवाद के बाद उन्हें इसे स्थगित करना पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि FPO में लगे इन्वेस्टर्स के पैसे वह खुद वापस करेंगे। पिछले लगभग दो सप्ताह से यह पूरा मामला गर्माया हुआ है और अडानी ग्रुप के शेयर 44% से ज्यादा गिर चुके हैं।












Click it and Unblock the Notifications