विराट कोहली से 12 गुना कम है बाबर आजम की कमाई, अर्शदीप सिंह की ही है पाक कप्तान से डबल इनकम
Virat Kohli Income: विराट कोहली की कमाई पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम से 12 गुणा ज्यादा है। हालत ये है भारत के संजू सैमसन और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों की कमाई के सामने भी आजम के पैसे आधे हैं।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने एक बार फिर भारतीय खिलाड़ियों के साथ सालाना कॉन्ट्रैक्ट अपडेट किया है। साल 2023 के लिए भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली, कप्तान रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी टॉप A+ कैटेगरी में है। इन्होंने सालाना 7 करोड़ रुपए की राशि वाली लिस्ट में खुद को बरकरार रखा है। आपको जानकार हैरानी हो सकती है कि ये सैलरी पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम से 12 गुना अधिक है। आजम को हाल ही में 2022/23 के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सालाना कॉन्ट्रैक्ट के तहत प्रति माह 1.25 मिलियन पाकिस्तान रुपया मिलने हैं। ये सालाना के हिसाब से 43,50,000 की रकम हो जाती है जो नए कॉन्टैक्ट के तहत कोहली की तुलना में लगभग 12 गुना कम है।
पीसीबी के टॉप लिस्ट प्लेयर्स-
पीसीबी कॉन्ट्रैक्ट में जो बाबर को पैसा (Babar Azam Income) मिल रहा है वो टॉप लेवल पर है। जबकि उनका वेतन बीसीसीआई के सी ग्रेड के कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों जैसे संजू सैमसन और अर्शदीप सिंह के सालाना वेतन के आधे से भी कम है। बाबर के अलावा, पीसीबी के कॉन्ट्रैक्ट की टॉप लिस्ट में मोहम्मद रिजवान, शाहीन शाह अफरीदी, इमाम-उल-हक और हसन अली शामिल हैं।
बीसीसीआई ने रविवार को अपडेटेड कॉन्ट्रैक्ट कैटेगरी की घोषणा की जिसमें दो बड़े बदलाव देखने को मिले। केएल राहुल को ग्रेड बी में डिमोट किया गया जबकि ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को ए+ कैटेगरी में प्रमोशन दिया गया।
हार्दिक पांड्या, आर अश्विन, मोहम्मद शमी, ऋषभ पंत और अक्षर पटेल ग्रेड ए ग्रेड में और उन्हें लगभग 5 करोड़ रुपये मिलेंगे। शमी को ए प्लस ग्रेड में नहीं रखना और बुमराह को वहां जगह देना थोड़ा अजीब लगता है क्योंकि शमी क्रिकेट की तीनों फॉर्म को खेल रहे हैं और प्रभावशाली हैं। वहीं, बुमराह लंबे समय से चोटिल हैं और कोई फॉर्मेट ठीक से नहीं खेल पा रहे। वे अब भी बैक सर्जरी के चलते महीनों क्रिकेट से दूर हैं। लेकिन ये राहत की बात है कि बीसीसीआई के रूप में खिलाड़ी के पास चोट की स्थिति में एक तरह का इंश्योरेंस मौजूद है।
सबसे टॉप की कैटेगरी में शामिल क्रिकेटरों को तीनों फॉर्मेट के लिए पक्का माना जाता है। वहीं 'ए' में वे क्रिकेटर शामिल हैं जो टेस्ट और एक दिवसीय मैचों के लिए निश्चित हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट वाले खिलाड़ी ग्रुप बी में होते हैं, जबकि सी ग्रुप के खिलाड़ियों को आम तौर पर किसी एक प्रारूप के लायक ही माना जाता है।












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