'फाइनल में बवंडर बनकर आएगा,' किसने की थी वैभव सूर्यवंशी के लिए यह भविष्यवाणी? जो हुई सच साबित
Vaibhav Sooryavanshi: खेल की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। बिहार के समस्तीपुर जिले के 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ वैभव ने जो तबाही मचाई, उसकी गूंज अब पूरे क्रिकेट जगत में सुनाई दे रही है।
भारत की खिताबी जीत के बाद वैभव के दादा ने जो बातें कहीं, उन्होंने हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो काफी वायरल भी हुआ है, इसमें सूर्यवंशी के दादा ने बताया कि फाइनल से पहले ही उन्होंने भविष्यवाणी कर दी थी।

'बवंडर' नहीं 'चक्रवात' था वैभव का खेल
वैभव के दादा ने मैच के बाद आईएएनएस (IANS) से बातचीत में अपनी खुशी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से ही यकीन था कि उनका पोता फाइनल के बड़े मंच पर कुछ बड़ा करेगा। उन्होंने कहा, "हमने तो पहले ही कह दिया था कि फाइनल के दिन वैभव मैदान पर बवंडर बनकर आएगा। लेकिन आज उसने जिस तरह से अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए, उसे देखकर लगा कि वह बवंडर नहीं बल्कि एक चक्रवात बनकर आया था।" यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, क्योंकि वैभव की 175 रनों की पारी ने वाकई में विपक्षी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस कर दिया था।
दोहरा शतक नहीं बनने की असली वजह
वैभव ने अपनी पारी में 175 रन बनाए और वे एक ऐतिहासिक दोहरे शतक की ओर बढ़ रहे थे। जब उनके दादाजी से पूछा गया कि क्या उन्हें इस बात का मलाल है कि दोहरा शतक नहीं बना, तो उन्होंने बड़ी सादगी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, "देखिए, वैभव अभी सिर्फ 14-15 साल का बच्चा है। मैदान पर इतनी लंबी पारी खेलने के दौरान काफी भाग-दौड़ करनी पड़ती है, जिससे शरीर में थकान हो जाती है। अगर दूसरे छोर से खिलाड़ियों का थोड़ा और साथ मिलता, तो आज उसका दोहरा शतक भी पक्का था। फिर भी, उसने जो किया वो किसी चमत्कार से कम नहीं है।"
सीनियर टीम के लिए ठोक दिया है दावा
आर्टिकल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह है जहाँ दादाजी ने वैभव के भविष्य को लेकर बात की। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि वैभव अब रुकने वाला नहीं है। दादाजी के अनुसार, "वैभव ने अब सिलेक्टर्स को सीधी चुनौती दे दी है। उसका कहना है कि जूनियर जर्सी तो मिल गई, अब मुझे जल्दी से भारत की सीनियर जर्सी (Main Team India) में लेकर आओ। वह सीनियर टीम का दरवाजा खटखटा नहीं रहा, बल्कि उसे तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा है।"












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