बस एक 'छोटा सा गिफ्ट', शैफाली वर्मा ने मांगा अंडर-19 महिला वर्ल्ड कप फाइनल से पहले बर्थडे का तोहफा
शैफाली वर्मा मौजूदा अंडर 19 वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम की कप्तानी कर रही हैं। फाइनल मुकाबला आज इंग्लैंड के साथ होना है और इस दौरान शैफाली ने टीम से अपने बर्थडे का तोहफा मांगा है

भारत के साथ मौजूदा अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप की दिलचस्प कहानी हैं शैफाली वर्मा। हरियाणा के रोहतक से आने वाली शैफाली पहले ही इंटरनेशनल लेवल पर सीनियर टीम की ओपनर हैं। वे बहुत युवा हैं तो अंडर-19 वर्ल्ड कप का भी हिस्सा हैं और ये भारत के लिए बड़ी ही सुखद बात है क्योंकि वे ना केवल कप्तानी कर रही हैं बल्कि गेंदबाजों की ऐसे कुटाई कर रही हैं जैसे स्कूली क्रिकेट खेल रही हों। यही वजह है टूर्नामेंट में शैफाली एकमात्र बल्लेबाज हैं जिनका स्ट्राइक रेट 200 से ज्यादा है और वे रनों के मामले में भी चौथी टॉप स्कोरर हैं। भारत की स्वेता सहरावत ने भी अभी तक सबसे ज्यादा 292 रन बनाए हैं लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 146 का है। शैफाली थोड़ा और संभल कर खेलें तो वे और रन जोड़ सकती हैं लेकिन फिर कोई उनको क्यूं 'लेडी सहवाग' कहेगा! यही उनका खेल है और यही अंदाज भी।
अब जब भारतीय टीम वर्ल्ड कप जीत चुकी है तो अंडर-19 कप्तान शैफाली वर्मा ने कथित तौर पर अपने साथियों से आईसीसी अंडर-19 टी20 विश्व कप ट्रॉफी को "जन्मदिन के उपहार" के रूप में देने को कहा है।
शैफाली वर्मा ने 28 जनवरी, 2023 को अपना 19वां जन्मदिन दक्षिण अफ्रीका में मनाया। आज भारत इस प्रतिष्ठित खिताब के लिए इंग्लैंड के साथ भिड़ेगा। ईएसपीएनक्रिकइन्फो द्वारा रिपोर्ट की गई 19 वर्षीय ने कहा, "जब मैं इस U-19 टीम के साथ जुड़ी, तो मैंने उनसे कहा कि मुझे जन्मदिन का एकमात्र उपहार चाहिए जो ट्रॉफी है। मैं ज्यादा नहीं मांग रही हूं। कोई वास्तविक तैयारी नहीं है। बस दिन का आनंद लेने जा रही हूं। अगर मैं घर पर होती तो ये थोड़ा अलग होता।"
दाएं हाथ की विस्फोटक बल्लेबाज के पास अपने साथियों को देने के लिए एक क्लियर संदेश है - विश्व कप जीतो। उन्होंने कहा कि सभी ने बहुत मेहनत की है और वे जहां हैं, वहां पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है और वे दक्षिण अफ्रीका से खाली हाथ नहीं जाना चाहेंगे। इस टीम से जुड़ने में शैफाली को काफी फायदा भी हुआ है। वे सीनियर टीम की चुलबुली लड़की के तौर पर खुद को पाती थी लेकिन अब मैच्योर कप्तान की तरह से जिम्मेदारी निभा रही हैं।
सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलिया से मिली हार ने लड़कियों को इतना आहत किया है कि इससे उनकी रातों की नींद उड़ गई है। लेकिन भारत ने फिर प्रतियोगिता में आगे बढ़ने का फैसला किया और उस न्यूजीलैंड को मात दी जिसको आईसीसी ट्रॉफी के नॉकआउट में भारत हरा नहीं पाता।
अपने विपक्षियों के बारे में बोलते हुए, वर्मा ने कहा कि इंग्लैंड के पास काफी ऑलराउंडर हैं, लेकिन भारत चुनौती के लिए तैयार है।
शैफाली ने कहा, हमें अपनी ताकत के साथ चलना जारी रखना होगा, हमें कुछ अलग करने की कोशिश करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने फाइनल में जगह बनाई है, तो जाहिर है, वे सही चीजें कर रहे हैं। हम भी अपनी ताकत से खेलें और एक दूसरे के प्रदर्शन का आनंद लें। मैदान पर एक-दूसरे को सपोर्ट करते रहें।"
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