T20 World Cup: टीम इंडिया ! 200 प्लस का स्कोर टांगो ताकि पाकिस्तान घुटने टेक दे
स्पोर्ट्स डेस्क, 19 सितंबर: विश्वकप टी-20 में भारत का पहला मैच पाकिस्तान से है। इस मैच में पाकिस्तान को हराने के लिए क्या करना चाहिए? आम तौर माना जाता है कि जो टीम टॉस हार गयी उसके लिए मौके कम हो जाते हैं। वह इसलिए क्यों हर टीम चेज करना पसंद करती है। अब हर टीम में हार्ड हिटर मौजूद हैं। हालांकि ये कोई तय फार्मूला नहीं है। श्रीलंका ने एशिया कप जीत कर बता दिया कि टॉस हारने से कोई फर्क नहीं पड़ता। बस जान लगा कर खेलना जरूरी है। अगर टी-20 विश्वकप में भारत पाकिस्तान के खिलाफ टॉस हार जाता है और पहले बैटिंग करता है तो उसे सुरक्षित रहने के लिए कितना रन बनाना चाहिए?

भारत के खिलाफ पाकिस्तान का उच्चतम स्कोर 182
टी-20 में भारत, पाकिस्तान पर भारी है। भारत ने 7 तो पाकिस्तान ने 3 मैच जीते हैं। पाकिस्तान ने 20 ओवरों में भारत के खिलाफ अधिकतम 182 रन बनाये हैं जो दो सप्ताह पहले हालिया एशिया कप में बना था। यानी पाकिस्तान टी-20 में भारत के खिलाफ कभी भी 190 प्लस का स्कोर नहीं बना पाया है। उसने इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्ट इंडीज, न्यूजीलैंड जैसे देशों के खिलाफ 200 या इससे अधिक का स्कोर तो बनाया है लेकिन भारत के खिलाफ ऐसा नहीं कर सका है। चूंकि विश्वकप ऑस्ट्रेलिया में होना है तो यह देखना होगा कि वहां की पिचों पर उसने 20 ओवर के फॉरमेट में कैसा खेल दिखाया है ? 2019 में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था जिसमें तीन टी-20 मैच खेले गये थे।

ऑस्ट्रेलिया में पाकिसातान का टी-20 प्रदर्शन
पाकिस्तान-ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टी-20 कैनबरा में खेला गया था। इस मैच में बाबर आजम पहली बार कप्तानी कर रहे थे। बारिश की वजह से यह मैच रद्द हो गया था। दूसरा मैच भी कैनबरा में ही खेला गया था। पाकिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवरों में सिर्फ 150 रन बनाये थे। बाबर ने 38 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली थी। इस मैच में फकर जमां ने ओपन किया था लेकिन महज 2 रन बनाये थे। मोहम्मद रिजवान चौथे नम्बर पर खेले थे और 14 रन ही बना पाये थे। लोअर मिडिल ऑर्डर में इफ्तेखार अहमद 34 गेंदों पर 62 रनों की तेज पारी खेली थी। इसके अलावा पाकिस्तान का कई बल्लेबाज दम नहीं दिखा पाया था।

बिस्बेन में स्पिनरों ने दिखाया दम
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर एस्टन एगर ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को बांध कर रख दिया था। वे सबसे सफल गेंदबाज रहे और 4 ओवरों में 23 रन देकर 2 विकेट लिये। हैरत की बात ये है कि ऑस्ट्रेलिया ने अपनी टीम में दो स्पिनरों को मौका दिया था। एगर के अलावा इस मैच में एडम जम्पा भी खेल रहे थे। जम्पा ने चार ओवरों में 31 रन दिये थे और कोई विकेट नहीं मिला था। यानी ऑस्ट्रेलिया ने तेज गेंदबाजों से अधिक स्पिनरों पर भरोसा किया था। तेज गेंदबाज केन रिचर्ड्सन के चार ओवरों में 51रन बने थे। हालांकि मिचेल स्टार्क और पैट कमिंस ने अच्छी गेंदबाजी की थी। यानी पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया में स्पिनर भी जाल में फंसा सकते हैं। इन्ही संभावनाओं को ध्यान में रख कर युजवेन्द्र चहल को ट्रंप कार्ड कहा जा रहा है।

पाकिस्तान की हार
पाकिस्तान की तरफ से केवल शादाब खान ही रन रोकने में सफल रहे। बाकी गेंदबाज बेअसर साबित हुए। ऑस्ट्रेलिया ने 18.3 ओवर में ही 151 रन बना कर 7 विकेट से मैच जीत लिया था। यहां ध्यान देने की बात है कि पाकिस्तान की तरफ से भी एक स्पिनर (शादाब खान) ने ही सबसे किफायती गेंदबाजी की थी। तीसरा टी-20 मैच में पर्थ में खेला गया था। इसमें पाकिस्तान की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गयी थी। बाबर आजम 6 तो रिजवान 0 पर लुढ़क गये थे। सिर्फ इफ्तेखार अहमद ने 45 रन बनाये थे। पाकिस्तान की टीम 20 ओवरों में 8 विकेट पर 106 रन ही बना सकी थी। इस बार स्पिनर एस्टन एगर के अलावा तेज गेंदबाज स्टार्क, सीन एबॉट और केन रिचर्ड्सन ने अच्छी गेंदबाजी की थी। पर्थ की पिच को दुनिया में सबसे तेज माना जाता है। ऑस्ट्रेलिया ने 10 विकेट से यह मैच जीता था।

पाकिस्तान के खिलाफ भारत का सर्वोच्च स्कोर- 192/5
भारत का टी-20 में पाकिस्तान के खिलाफ सर्वोच्च स्कोर 192/5 है। इस मैच को भारत ने 11 रनों से जीता था। 2012 में पाकिस्तान और भारत के बीच अहमदाबाद में दूसरा टी-20 खेला गया था। उस समय मोहम्मद इरफान दुनिया के सबसे लंबे तेज गेंदबाज थे जो पाकिस्तान से खेलते थे। उनके अलावा सोहेल तनवीर और उमर गुल भी टीम में थे। लेकिन भारत ने युवराज सिंह की आतिशी पारी (36 गेंद पर 72 रन) के दम पर 192 रनों का सम्मानजनक स्कोर बनाया था। गंभीर ने 21, रहाणे ने 28, कोहली ने 27 और धोनी ने 33 रन बनाये थे। मोहम्मद इरफान को छोड़ कर सभी गेंदबाजों की पिटाई हुई थी। गुल ने चार विकेट लिए थे लेकिन चार ओवर में 37 रन दिये थे।

भारत अगर 200 से अधिक रन बनाता है तो ?
भारत ने 192 रन बना कर पाकिस्तान से मैच जीत गया था। वह भी तब जब भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर में 46 और इशांत शर्मा ने चार ओवर में 34 रन दिये थे। इस मैच में अश्विन ने चार ओवर में 28 रन खर्च कर एक विकेट लिया था। अशोक डिंडा सबसे सफल गेंदबाज रहे थे और उन्ने 3 विकेट लिये थे। पाकिस्तान 20 ओवरों में 7 विकेट पर 181 रन ही बना सका था। यानी पाकिस्तान, टी-20 में भारत के खिलाफ 193 का भी टारगेट पूरा नहीं कर पाया है। इस लिहाज से 200 प्लास एक सुरक्षित स्कोर माना जा सकता है। वैसे क्रिकेट में कुछ भी हो सकता। लेकिन इन आंकड़ों के आधार पर हम कह सकते हैं अगर भारत टी-20 विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ 200 का जादुई आंकड़ा पार करता है तो उसके जीतने की संभावना अधिक होगी।

भारत की गेंदबाजी अब मजबूत हो गयी है
एशिया कप की तुलना में भारत की गेंदबाजी अब मजबूत हो गयी है। पाकिस्तान की बल्लेबाजी बाबर और रिजवान पर टिकी है। इन दोनों का विकेट शुरू में निकल गया तो भारत का काम आसान हो जाएगा। 200 प्लस का टारगेट चेज हमेशा आसान नहीं होता। बुमराह, भुवी के रहते अंतिम ओवरों में चौके छक्के मारना मुश्किल होगा। यह भी ध्यान देने की बात है कि पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया में कोई बहुत बड़ा स्कोर नहीं खड़ा किया है। बाद में गेंदबाजी कर के भी उसे रोका जा सकता है। जैसे कि श्रीलंका ने रोका था।












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