चोट ने दिल्ली कैपिटल्स की कमान छीन ली, श्रेयस अय्यर ने बताया- कितनी मुश्किल रही वापसी
नई दिल्ली, 1 मार्च: श्रेयस अय्यर श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में जबरदस्त फॉर्म में दिखाई दिए। उन्होंने टी20 सीरीज में 200 रन बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी होने का गौरव भी हासिल किया। अय्यर को शुरू से एक ठोस खिलाड़ी देखा जाता है लेकिन चोट ने उनके करियर की गाड़ी पर एक ब्रेक लगाया। उनके हाथ से दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीम की कप्तानी चली गई लेकिन अब वे केकेआर के कप्तान होंगे।

चोट लगी तो वह एक बुरा दौर था
अय्यर मानते हैं कि जब उनको चोट लगी तो वह एक बुरा दौर था क्योंकि तब दिल्ली की टीम उनसे कप्तानी नहीं छीनती। श्रेयस ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया कि दिल्ली कैपिटल्स की टीम में एक कप्तान के तौर पर उनका नजरिया पूरी तरह से बदल लगा हुआ था क्योंकि वह एक खिलाड़ी नहीं बल्कि कप्तान के तौर पर ही सोचने लगे थे, उसी तरह से खेलने लगे थे और मैदान में उनकी शारीरिक भाषा भी वैसी ही हो गई थी जिसका फायदा उनको काफी ज्यादा मिला।

रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया ने धैर्य सिखाया-
अय्यर कहते हैं कि अब कोलकाता नाइट राइडर्स ने उनको कुछ ऐसी ही भूमिका दी और वे इस चीज की काफी सराहना करते हैं और यह उनके लिए बड़े सम्मान की बात होगी। अय्यर एक लंबी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजरे जिसने उनको धैर्यवान बनाया। वे बताते हैं कि, मैं रोज एक ही काम करता था, वही एक्सरसाइज करनी होती थी, वही डेली का रूटीन फॉलो करना होता था और फिर अगली सुबह वही दर्द महसूस होता था। सर्जरी के बाद मेरी मांसपेशियों में कमजोरी आ गई थी, मसल्स लॉस हो ही चुका था और फिर मन में ख्याल आता था क्या मैं वापस उसी ऊर्जा और उसी इंटेंट के साथ टीम इंडिया में वापसी कर पाऊंगा? क्या मेरा क्रिकेट उसी लेवल पर दोबारा पहुंच पाएगा? मुझे अपने दिमाग को ट्रेन करना पड़ा और यह काफी कठिन काम था।

श्रेयस मानते हैं कि इस टीम में वह 'मैडनेस' है
श्रेयस अय्यर रोहित शर्मा की कप्तानी में उस T20 टीम का हिस्सा है जो लगातार एक के बाद एक अपने मुकाबले जीत रही है पहले भारत ने न्यूजीलैंड का सूपड़ा साफ किया फिर वेस्टइंडीज का और अब श्रीलंका का सूपड़ा साफ हो चुका है। यह सभी क्लीन स्वीप रोहित शर्मा की कप्तानी में मिले हैं। श्रेयस मानते हैं कि इस टीम में वह 'मैडनेस' है जो किसी भी टीम को T20 में जबरदस्त परफॉर्म करने के लिए चाहिए होती है क्योंकि टीम इंडिया की बेस्ट स्ट्रेंथ में इतनी क्षमता वाले खिलाड़ी है जितने की प्लेइंग इलेवन में खेल रहे हैं। सभी जानते हैं कि बेंच पर बैठे हुए वे लड़के कभी भी किसी भी भूमिका में आकर मिल सकते हैं।

अब टेस्ट सीरीज के लिए कमर कस रहे हैं-
अय्यर का टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर भी जबरदस्त डेब्यू हुआ था जब उन्होंने पिछली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली पारी में शतक बनाया था लेकिन उसके बाद दक्षिण अफ्रीका सीरीज में उनको बाहर बैठना पड़ा। अय्यर बताते हैं कि साउथ अफ्रीका टूर पर उनके पेट में इतना जबरदस्त इंफेक्शन था कि वे जो भी खाते थे वह बाहर निकल जाता था और उन्होंने तब अपना करीब 7 किलो वजन भी कम पाया था। वह उनके जीवन का एक मुश्किल दौर था। कहते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में उनको चुना जाता लेकिन इंफेक्शन ने ऐसा नहीं करने दिया। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान अय्यर बताते हैं कि टीम इंडिया जो भी करती है वह विश्वकप को ध्यान में रखकर ही करती है। हर सीरीज, प्लेइंग इलेवन और खिलाड़ियों का प्रदर्शन विश्वकप के इर्द-गिर्द ही घूमता है।












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